Saturday, April 5, 2025
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यूपी में ऑनलाइन हाजिरी से क्यों भाग रहे शिक्षक ?

कई स्कूलों में योगी सरकार से मिले टैब का डिब्बा तक नहीं खोला गया

महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने शिक्षकों के इस रवैये पर सख्त नाराजगी जताई

विशेष संवाददाता,स्वराज इंडिया
कानपुर।
परिषदीय स्कूलों में शिक्षक टैबलेट से बच्चों की अटेंडेंस लगाने में फिसड्डी साबित हुए हैं। टीचर्स टैबलेट का प्रयोग करने से बच रहे हैं। ज्यादातर टीचर्स ने टैबलेट का अब तक इस्तेमाल भी नहीं किया है। टैबलेट जस का तस डिब्बे में ही रखा है। उसे बाहर ही नहीं निकाला गया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने शिक्षकों के इस रवैये पर सख्त नाराजगी जताई है।
परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की उपस्थिति 15 फरवरी से ऑनलाइन ही मान्य होगी ऐसा आदेश जारी किया था मगर जिले में अभी तक शिक्षकों ने प्रेरणा एप पर लाॅगिन ही नहीं किया है। इससे 15 फरवरी से विद्यार्थियों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करने का आदेश हवा हवाई साबित हो रहा है।
जिले में 1925 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें से अधिकांश विद्यालयों को टैबलेट उपलब्ध कराएं गए हैं। विभाग की ओर से सभी टैबलेट का 14 रजिस्टरों का डिजिटलाइजेशन किया जाना था। मगर जिले में इसकी प्रक्रिया काफी धीमी चल रही है। अधिकांश टैबलेटों पर अभी तक प्रेरणा एप को ही डाउनलोड ही नहीं किया गया है।
वहीं महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने सभी बीएसए को आदेश जारी कर 15 फरवरी से विद्यार्थियों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। इससे परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट व कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्रों की रियल टाइम उपस्थिति अपडेट करनी थी। इसी के साथ मध्याह्न भोजन की भी डिजिटल पंजिका ही मान्य होगी ऐसा कहा गया था। आदेश में कहा गया था कि शिक्षक एक अप्रैल से सितंबर 2024 तक स्कूल के दिनों में बच्चों की उपस्थिति सुबह आठ से नौ बजे के बीच और एक अक्तूबर से 31 मार्च 2025 तक सुबह नौ से दस बजे तक टैबलेट/ स्मार्टफोन से दर्ज करेंगे। वहीं एमडीएम के लाभार्थी, मेन्यू, खाद्यान्न आदि का विवरण भी प्रतिदिन भोजन के बाद अनिवार्य रूप से अपडेट करेंगे। इसके लिए एक अप्रैल से 31 सितंबर 2024 तक दोपहर 12 बजे और एक अक्तूबर से 31 मार्च 2025 तक 1.30 बजे का समय तय किया गया है। मगर विभागीय आंकड़ों के अनुसार जनपद में प्रेरणा एप डाउन लोड करने वालों की संख्या 1 फीसदी है। ऐसे में विद्यार्थियों की रियल टाइम उपस्थिति दर्ज करना बहुत ही मुश्किल काम है। रिद्धी पाण्डेय ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर विभागीय निर्देशानुसार डिजिटलाइजेशन का कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

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