
जिले में बिजली चोरी का अनोखा मामला सामने आया है, यहां के रामजानकी नगर और मोती पोखरा मोहल्ले के 150 से अधिक घरों में रात के दस बजे के बाद कटिया फंसा कर धड़ाधड़ एसी चलाते थे और सुबह होने से पहले उसे निकाल देते थे।
यहां के फीडर में अधिक लाइनलास के चलते बिजली विभाग के अधिकारी चिंतित थे। उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए। ऐसे में वहां के जेई ने रात में मोटरसाइकिल से सर्वे किया और कटिया लगे हुए घरों की फोटो खींची। अगले दिन भोर में विजिलेंस टीम के साथ छापेमारी कर दी। टीम ने 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। शेष की लोड और खपत की जांच बाद कार्रवाई होगी।
इस समय भीषण गर्मी और उमस के चलते लोग परेशान हैं, सभी घरों में कमरों की संख्या के अनुसार एक से पांच एसी तक लगे हुए हैं। बिल से सही तरीके से एसी चलाने पर बिजली का बिल काफी अधिक आता है ऐसे में लोगों ने शॉर्ट कट खोज लिया और चोरी से कटिया फंसाकर डायरेक्ट एसी चलाना शुरू कर दिया। रात का खाना खाने के बाद जब लोगों को भरोसा हो जाता था कि अब बिजली विभाग की कोई जांच नहीं होगी, तब वह लोग कटिया फंसा लेते थे। उन्हें इस बात का भरोसा रहता था कि रात में कभी जांच नहीं होगी, लेकिन वहां के फीडर में लगातार हो रही लाइन लास से बिजली विभाग के अधिकारी चिंतित थे।
उन्हें समझ में नहीं आ रहा था क्या किया जाए। ऐसे में वहां के जेई ने रात के समय जब सर्वे किया तो पता चला कि तमाम घरों के सामने कटिया लगाई गई है और सभी घरों में एसी चल रही है। ऐसे में राप्ती नगर उपकेंद्र के जेई दिनेश जायसवाल ने सर्वे पूरा होने पर मिले तथ्यों की जानकारी अधिशासी अभियंता अविनाश गौतम को दी।ऐसे में अधिशासी अभियंता ने अधीक्षण अभियंता लोकेंद्र बहादुर सिंह को पूरी बात बताई।उसके बाद विजिलेंस टीम को बुलाकर छापेमारी की योजना बनाई गई। भोर में चार बजे विजिलेंस टीम के साथ छापेमारी की गई।
इस दौरान तमाम घरों में चोरी की बिजली चलती हुई मिली। छापेमारी की खबर मिलते ही धड़ाधड़ लोगों ने कटिया निकालना शुरू कर दिया। इस दौरान 10 लोगों को मौके से पकड़ा गया, जिनके खिलाफ शाहपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर किया गया। भोर में चार से सुबह छह बजे तक दो घंटे तक चले अभियान से मोहल्ले में हलचल मची रही।इस संबंध में अधीक्षण अभियंता शहर लोकेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि बिजली चोरों को पकड़ा जाएगा, ताकि भविष्य में कोई बिजली चोरी करने का साहस न कर सके।लोग नियम के अनुसार कनेक्शन लेकर मीटर लगवाएं और मीटर के अनुसार बिजली बिल का भुगतान करें, तभी उसका उपयोग करें।