Friday, April 4, 2025
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मानसून की आहट से संभावित बाढ़ को लेकर सतर्क हुआ प्रशासन….

मानसून की आहट को लेकर जिले में संभावित बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तैयारी में जुट गया है। बाढ़ से निपटने के लिए अलग-अलग विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

यूपी के गोंडा जिले में घाघरा और सरयू नदी के संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन तैयारी में जुट गया है। बाढ़ से निपटने के लिए पूरी रणनीति बनाई गई है। एडीएम ने बाढ़ से पहले सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

गोण्डा जिले में सम्भावित बाढ़ से निपटने के लिये जिला प्रशासन ने अभी से तैयारियां शुरु कर दी है। मंगलवार को अपर जिलाधिकारी / प्रभारी अधिकारी (आपदा) की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में बाढ़ पूर्व तैयारी एवं जिला आपदा प्रबंधन की बैठक में अधिकारियों को बाढ़ से निपटने एवं राहत कार्य के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। इस दौरान उन्होंने सभी विभागों को उनकी जिम्मेदारियां समझाते हुये पहले से ही तैयारी करने के निर्देश दिये। एडीएम ने कहा सभी विभाग समन्वय बनाकर रखें। बाढ़ आने पर एक साथ मिलकर काम करें लोगों को राहत पहुंचायें। उन्होंने पंचायती राज विभाग को बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में साफ सफाई एवं स्वच्छता बनाए रखने, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने, हेड पंपों की मरम्मत एवं ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव करने के सम्बन्ध में निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य विभाग को दवाई और एंबुलेंस व्यवस्था रखने के निर्देश

चिकित्सा विभाग को बाढ़ के दौरान बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्र में आवश्यक दवाइयां एवं एम्बुलेंस की उपलब्धता रखने, टीकाकरण सर्पदंश व की दवा का पर्याप्त स्टॉक रखने तथा पहले से ही लोगों को बाढ़ के दौरान क्या करें क्या ना करें के बारे में जागरूक करने हेतु निर्देशित किया गया। पशुपालन विभाग को बाढ़ आने पर भूंसा बांटने के स्थान को चिन्हित करना, भूसा खरीदने, पशु शरणालय बनाना, पशुओं का सर्वे व टीकाकरण करने बाढ़ चौकियां पर आवश्यक दवाइयां व एंबुलेंस की व्यवस्था करने हेतु तैयारी करने के निर्देश दिए गए। खाद एवं रसद विभाग को बाढ़ के दौरान खाद्य वस्तुओं का समुचित स्टॉक रखने ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने हेतु के निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग को बाढ़ सम्भावित क्षेत्रों में पहुंचने के लिए संपर्क मार्ग की मरम्मत करने, आवश्यकता पड़ने पर हेलीपैड बनाने, बाढ़ आने पर क्षतिग्रस्त होने वाली पुलियों की मरम्मत आदि की तैयारी करने के सम्बन्ध में निर्देश दिए गये।

बाढ़ खंड को तटबंधों को मरम्मत करने के निर्देश

बाढ़ कार्य खंड विभाग को क्षतिग्रस्त होने वाले तटबंधों की मरम्मत करने बाढ़ अवरोधक सामग्रियों का तटबंधों पर पर्याप्त स्टाक रखने, तटबंधों की सुरक्षा करने तथा तटबंधों पर सीसीटीवी कैमरा लगाकर कंट्रोल रूम से निगरानी करने हेतु तैयारी करने के निर्देश दिए गये। विद्युत विभाग को बाढ़ सम्भावित क्षेत्र में विद्युत उपकेंद्रों पर आवश्यक प्रबंध करने, विद्युत उपकेंद्रों पर मोबाइल ट्रांसफार्मर की व्यवस्था बनाए रखने, बाढ़ एवं बाढ़ राहत चौकियों व बाढ़ शरणालय पर विद्युत की व्यवस्था रखने, बाढ़ सम्भावित क्षेत्र में पानी भरने हेतु विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के विद्यालयों में बाढ़ के समय अध्यापन की वैकल्पिक व्यवस्था करने, बच्चों को बाढ़ के दौरान क्या करें क्या ना करें के बारे में जागरूक करने तथा जल निगम को स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करने, बाढ़ की संभावना वाले स्थान पर स्थापित हैंड पंपों का उच्चीकरण करने आदि के निर्देश दिए गए। इसके अलावा परिवहन विभाग को बाढ़ के दौरान वाहनों की व्यवस्था करने, कृषि विभाग को बाढ़ सम्भावित क्षेत्र के फसलों का सर्वे करने, फसलों का बीमा करने तथा सूचना विभाग को समय-समय पर बाढ़ से बचाव हेतु एडवाइजरी को प्रकाशित करने मौसम के बारे में लोगों को मीडिया के माध्यम से जागरूक करने हेतु निर्देशित किया गया। राजस्व विभाग को बाढ़ क्षेत्र का व्यापक सर्वे करने कंट्रोल रूम की स्थापना करने, बाढ़ राहत कार्य योजना बनाने, नोडल अधिकारियों की ड्यूटी लगाने, नाव और नाविक की व्यवस्था करने, कम्युनिटी किचन की व्यवस्था करने वालंटियर आदि का चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए गए।

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