
प्रमुख संवाददाता स्वराज इंडिया, कानपुर/लखनऊ। जहां एक ओर केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार जीरो टालरेंस की नीति को ढिंढोरा पीट रही है। वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाक के नीचे अधिकारियों ने सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी नीति को पलीता लगाते हुये खेला कर दिया। उच्च स्तरीय टीम की जांच रिपोर्ट में आरोप पुष्टित पाये जाने एवं शिक्षा निदेशक की कार्यवाही की मुख्यमंत्री कार्यालय को कार्यवाही की संस्तुति के बाद भी अफसरों ने कानपुर देहात जिले की तत्कालीन बीएसए रिद्धि पांडेय को पुरस्कृत करते हुये महाराजगंज का जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बना दिया। ये अपने आप में जीरो टॉलरेंस नीति पर सीधा तमाचा है।
बताते चलेें कि कानपुर देहात के पूर्व गौरक्षा प्रमुख आदित्य शुक्ला ने कानपुर देहात की तत्कालीन बीएसए रिद्धि पांडेय के द्वारा जनपद में किये गये बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री सहित सभी विभागीय एवं प्रशासनिक अधिकारियों से शपथ पत्र पर साक्ष्य सहित शिकायत की थी। इसके बाद विभाग द्वारा जांच की कमान अपर शिक्षा निदेशक, संयुक्त शिक्षा निदेशक कानपुर मंडल एवं मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक कानपुर मंडल से करायी गयी। जिसमें पहले ही जांच टीम ने करीब एक दर्जन गंभीर भ्रष्टाचार से संबधित बिदुंओ को नजरंदाज कर दिया। किंतु बिना पद के भर्ती एवं बिना पद के स्थानांतरण के दौरान बिंदुओं पर उच्च स्तरीय जांच में भ्र्रष्टाचार के आरोप पुष्टित पाये गये। जिसमें अपर शिक्षा निदेशक कामता राम पाल ने छह माह पूर्व 14 अगस्त 2024 को मुख्यमंत्री कार्यालय में पत्र भेजकर आरोप पुष्टिहोने के साथ ही बीएसए रिद्धि पांडेय के विरुद्ध कार्यवाही की संस्तुति सहित पत्र मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा था। उन्होंने बताया कि शिक्षा निदेशक द्वारा कार्यवाही की संस्तुति करने के बाद उनक द्वारा अगस्त माह से अब तक कई पत्र भेजकर कार्यवाही का अनुरोध किया गया।

संयुक्त सचिव अरविंद मोहन बार बार जांच के लिये रहे भेजते शिकायत
कार्यवाही की संस्तुति सहित आख्या अपर शिक्षा निदेाक कामताराम पाल द्वारा भेजने के बाद जब उनके द्वारा शिकायत की तो सयुक्त सचिव अरविंद मोहन द्वारा पुनः जांच के लिये शिक्षा निदेशक को भेज दिया। ऐसा उन्होंने कई बार किया। जिसके जवाब में अपर शिक्षा निदेशक द्वारा बार बार यही कराया गया कि आरोप पुष्टित पाये जाने पर कार्यवाही की संस्तुति करते हुये आख्या उनके द्वारा लोक शिकायत अनुभाग मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी जा चुकी है।
संयुक्त सचिव वेद प्रकाश राय ने कर दिया खेला
कानपुर देहात की तत्कालीन बीएसए रिद्धि पांडेेय के भ्रष्टाचार पर आरोपों की पुष्टि होने और अपर शिक्षा निदेशक कामताराम पाल द्वारा कार्यवाही की संस्तुति सहित आख्या मुख्यमत्री लोक शिकायत अनुभाग भेजे जाने से शिक्षा विभाग के गलियारों में रिद्धि पांडेय पर निलंबन की कार्यवाही तय मानी जा रही थी। किंतु इसी बीच बेसिक शिक्षा विभाग अनुभाग 01 के संयुक्त सचिव वेद प्रकाश राय ने भाजपा सरकार की जीरो टालरेंस की नीति को पलीता लगाते हुये खेला कर दिया और 06 मार्च 2025 को पत्र जारी करते हुये रिद्धि पांडेय को महाराजगंज का बीएसए बना दिया जो शिक्षा विभाग ही नहीं राजनैतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

लोकयुक्त एवं उच्च न्यायालय में दाखिल करेंगे याचिका
जिले के पूर्व गौरक्षा प्रमुख आदित्य शुक्ला ने बताया जांच में पुष्टि होने और शिक्षा निदेशक द्वारा कार्यवाही की संस्तुति सहित आख्या मुख्यमंत्री लोक शिकायत अनुभाग को भेजे जाने के बाद। भाजपा सरकार की मंशा पर पानी फेरते हुये कई बार शिकायतें करने के बाद भी ईनाम के रूप में महाराजगंज बीएसए बनाकर उन्हें सम्मानित किये है। इसके लिये वह शीघ्र की प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री से मिलकर कार्यवाही दोषियों पर कार्यवाही मांग करने के साथ माननीय उच्च न्यायालय एवं माननीय लोकायुक्त में अपील करेंगे।