
इस बार गर्मी के तेवर इतने तल्ख हैं कि शहर की प्यास बुझाने के लिए जलदाय विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। इसके बाद भी शहर में पानी के लिए हाय-तौबा मची हुई है। विभाग का दावा है कि इस बार पिछले कई सालों मुकाबले अधिक पानी की आपूर्ति की जा रही है। पानी को फिल्टर करने के लिए चौबीस घंटे मशीनें चल रही हैं। पेयजल लाइनों का लीकेज ठीक किया जा रहा है और बड़ी संख्या में अवैध कनेक्शन भी काटे जा रहे हैं। ताकि उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा किया जा सके। जब तक बारिश नहीं होगी, तब तक पानी की आपूर्ति मांग के अनुसार की जाएगी। विभाग का मानना है कि तेज गर्मी के कारण शहरी क्षेत्र में प्रतिदिन 170 मिलियन लीटर (एमएलडी) पानी की आपूर्ति की जा रही है। यह अब तक का सबसे अधिक नापा गया आंकड़ा है। जबकि गत गर्मी में प्रतिदिन 155 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जा रही थी। उस वक्त नहरबंदी भी चल रही थी। जबकि इस बार चुनाव होने के कारण नहरबंदी की नौबत नहीं आई।
148 एमएलडी दोनों जलाशयों से
शहर के उपभोक्ताओं को दोनों जलाशय बीछवाल एवं शोभासर से पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसमें से शोभासर से शहरी क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा जुड़ा हुआ है। दोनों जलाशयों से प्रतिदिन 148 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जा रही है। जबकि शेष 22 एमएलडी पानी विभाग के नलकूपों से जा रहा है। विभाग के 48 नलकूप संचालित हैं।
बिजली की ट्रिपिंग कर रही परेशान
हालांकि तेज गर्मी को देखते हुए जलदाय विभाग उपभोक्ताओं को नियमित एवं समय पर पानी आपूर्ति का प्रयास कर रहा है, लेकिन बिजली की ट्रिपिंग तथा कटौती के कारण परेशानी उत्पन्न हो रही है। इसके चलते पानी फिल्टर करने की मशीनों में व्यवधान उत्पन्न हो जाता है। ऐसे में पानी आपूर्ति में परेशानी होने लगती है।
एक लाख से अधिक कनेक्शन
शहरी क्षेत्र में एक लाख से अधिक जल कनेक्शन हैं। इसके अलावा कई अवैध कनेक्शन भी चल रहे हैं। विभाग के रिकॉर्ड को देखते हुए शहरी क्षेत्र में एक लाख 30 हजार कनेक्शन हैं। इतने कनेक्शनों के तो बिल जारी किए जाते हैं। जबकि बड़ी संख्या में अवैध कनेक्शन भी जुड़े हुए हैं। गत दिनों विभाग की टीम ने करीब 150 अवैध जल कनेक्शन काटे।
गर्मी में पानी खर्च सावधानी से करें
इस समय तेज गर्मी पड़ रही है। ऐसे में पानी की खपत भी बढ़ गई है। उपभोक्ताओं को गर्मी में पानी के लिए परेशान न होना पड़े। इस वजह से नियमित रूप से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। यह पहला मौका है, जब शहरी क्षेत्र में प्रतिदिन 170 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जा रही है। उपभोक्ता भी पानी का खर्च सावधानी से करें, ताकि परेशान नहीं होना पड़े।