आधुनिक सुविधाओं से लैस वंदे मेट्रो का पहला रैक चेन्नै के आईसीएफ में बनकर तैयार हो गया है
देखने में यह पूरी तरह वंदे भारत एक्सप्रेस की तरह है, आने वाले दिनों में लखनऊ से वंदे मेट्रो का संचालन शुरू होगा
अयोध्या, वाराणसी, मथुरा समेत धार्मिक, औद्योगिक सहित पर्यटन के लिहाज से अन्य महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ा जाएगा
पहले फेज में लखनऊ से अयोध्या और कानपुर के बीच होगा संचालन। इसमें एक कोच 100 सीटों का होगा। यह 250 किमी से कम दूरी के रूट पर चलेगी। इसकी स्पीड 160 किमी/घंटा होगी। इसमें 8, 12 और 16 कोच लगेंगे।
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो | आधुनिक सुविधाओं से लैस वंदे मेट्रो का पहला रैक चेन्नै के आईसीएफ में बनकर तैयार हो गया है। देखने में यह पूरी तरह वंदे भारत एक्सप्रेस की तरह है। आने वाले दिनों में लखनऊ से वंदे मेट्रो का संचालन शुरू होगा और अयोध्या, वाराणसी, मथुरा समेत धार्मिक, औद्योगिक सहित पर्यटन के लिहाज से अन्य महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ा जाएगा। पहले फेज में लखनऊ से अयोध्या और कानपुर तक वंदे मेट्रो को मंजूरी मिलने की संभावना है।
रेलवे के अधिकारियों के अनुसार जुलाई से ट्रायल शुरू होगा। वंदे मेट्रो को 250 किलोमीटर से कम दूरी के इंटरसिटी रूट पर मेमू ट्रेनों के साथ चलाया जाएगा। एसी कोच से युक्त वंदे मेट्रो की स्पीड भी 160 किमी प्रति घंटा होगी।
ज्यादा डिमांड वाले रूटों पर चलाया जाएगा
वंदे मेट्रो को सबसे ज्यादा डिमांड वाले रूटों पर चलाया जाएगा। प्राथमिकता के तौर पर लखनऊ से कानपुर के बीच वंदे मेट्रो चलेगी। इसके साथ ही अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद यात्रियों की संख्या चार गुना तक बढ़ चुकी है। लखनऊ से बड़ी संख्या में लोग अयोध्या पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए लखनऊ और अयोध्या के बीच भी एक वंदे मेट्रो का संचालन होना है। इसके अलावा आने वाले दिनों में कुंभ को देखते हुए प्रयागराज को भी वंदे मेट्रो का तोहफा मिलेगा।
आमतौर पर लखनऊ से कानपुर पहुंचने में करीब दो घंटे लग जाते हैं। जबकि वंदे मेट्रो का संचालन शुरू होने पर महज 45 मिनट में कानपुर पहुंचा जा सकेगा। इस रूट पर फोरलेन के साथ ही पुरानी पटरियों को दुरुस्त भी किया जा रहा है।