-मामले की शिकायत कानपुर डीएम-जिला निर्वाचन अधिकारी से की गई
-लोकसभा-2024 लागू होने बाद भी अधिकारी कर रहे हैं मनमानी
मुख्य संवाददाता, स्वराज इंडिया
कानपुर।
वर्तमान समय में लोकसभा चुनाव-2024 की आचार संहिता प्रभावी चल रही है। ऐसे में सरकारी विभागों के तमाम कार्यों पर रोक रहती है। उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण(यूपीसीडा) मुख्यालय लखनपुर कानपुर में बिना निर्वाचन आयोग को संज्ञान में दिए कर्मियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग का खेल सामने आया है। मामले की शिकायत डीएम से की गई है।
यूपीसीडा के पूर्व कर्मचारी नेता सेवानिवृत्त चंद्रदीप श्रीवास्तव ने डीएम कानपुर को भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि 16 मार्च 2024 से उत्तर प्रदेश आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने के बाद भी यूपीसीडा में कार्मिकों के तैनाती के नाम पर मंडल-जिला में स्थानांतरण किया जा रहा है। शिकायत के अनुसार, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी अस्मिता लाल (आईएएस) के द्वारा विभाग की प्रबंधक कंचन दीक्षित जो कि बीपीपीसी मुख्यालय कानपुर में तैनाती थी। 21 मार्च 2023 को तबादला आदेश जारी करके परियोजना कार्यालय ट्रांसगंगा सिटी उन्नाव में तैनात कर दिया गया। जब कि इस संदर्भ में पूर्व में और न ही वर्तमान में शासन और निर्वाचन आयोग से अनुमति तक नहीं ली गई। यहां पर सीधे तौर पर आचार संहिता के नियमों का उल्लघंन किया गया। इसपर कार्रवाई की मांग की गई है।
क्या कहती है आचार संहिता…
आदर्श आचार संहिता के पृष्ठ संख्या 12 के 6 क में उल्लेखित है कि सरकारी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी आचार संहिता का अनुपालन करेंगे।( क) निर्वाचन की अधिसूचना निर्गत होने के बाद निर्वाचन से संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के स्थानांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेंगे। अपरिहार्य स्थिति में स्थानांतरण राज्य निर्वाचन आयोग की अनुमति से हो सकेंगे।
-प्रबंधक (प्र0-सा0) कंचन दीक्षित का तबादला विभाग की आंतरिक
प्रक्रिया से किया गया है। उक्त कार्मिक की डयूटी निर्वाचन में नहीं है। शिकायत का जवाब आयोग को दे देंगे।
अस्मितालाल, एसीईओ यूपीसीडा