यूपी पुलिस परीक्षा पेपर लीक कांड में पूर्व में जेल भेजे जा चुके अभ्यर्थी और उसके भाई के मोबाइल का वाट्सएप डाटा रिकवर कराने की तैयारी में है ताकि पेपर लीक कांड के गिरोह के सदस्यों और सरगना के बारे में जानकारी मिल सके। वहीं एसटीएफ ने सोमवार को जांच कर रहे गोविंदनगर थाने के एसआइ पवन कुमार से मामले की जानकारी जुटाई।
पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर अभ्यर्थी को वाट्सएप पर उपलब्ध कराने वाले वकील आशीष सचान और उसके साथी अंकित सिंह को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। इस दौरान, पता चला है कि गिरफ्तारी से पहले आरोपितों ने अपने मोबाइल से वाट्सएप डाटा डिलीट कर दिया था।
अब पुलिस इन दोनों के साथ ही पूर्व में जेल भेजे जा चुके अभ्यर्थी और उसके भाई के मोबाइल का वाट्सएप डाटा रिकवर कराने की तैयारी में है, ताकि पेपर लीक कांड के गिरोह के सदस्यों और सरगना के बारे में जानकारी मिल सके। वहीं, एसटीएफ ने सोमवार को जांच कर रहे गोविंदनगर थाने के एसआइ पवन कुमार से मामले की जानकारी जुटाई। शहर में 18 फरवरी को पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा का आयोजन हुआ था।
इसमें गुजैनी स्थित परीक्षा केंद्र रतनचंद खत्री स्कूल से कुलगांव के खलार गांव निवासी प्रदीप कुमार को नकल करते पकड़ा गया था। उसके पास से प्रश्नों के उत्तर लिखी पर्चियां मिली थीं। इस पर उसे गोविंदनगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। विवेचक एसआइ पवन कुमार के अनुसार, पूछताछ में आरोपित प्रदीप ने बताया कि उसका भाई संदीप भी इस मामले में शामिल है।