
यूपी में सक्रिय चक्रवाती सिस्टम के कारण लगातार तीसरे दिन झमाझम बारिश हो रही है। शनिवार को हो रही गोरखपुर में बारिश ने पिछले 95 साल के रिकॉर्ड को तोड़ दिया।बीते 24 घंटे में जिले में 153 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई है। यह सितंबर में वर्ष 1930 के बाद सर्वाधिक बारिश है। इस बारिश से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बारिश के बीच जिले की कई सड़कें पानी से लबालब दिखीं तो कई इलाकों में घरों-दुकानों के अंदर तक पानी पहुंच गया। पानी, जिला अस्पताल परिसर में भी घुसा। अस्पताल के तमाम सफाईकर्मी परिसर से पानी निकालने में जुटे रहे।
गुरुवार से ही बारिश का दौर शुरू है, सौ मिली हुई बारिश
गुरुवार से ही गोरखपुर में गहरे काले बादल छाए हुए हैं। शुक्रवार को जिले में करीब 100 मिली मीटर बारिश हुई थी। शनिवार को बारिश ने रात नहीं दी। शुक्रवार और शनिवार की रात भर बारिश हुई है। शनिवार को सुबह मौसम विभाग ने 24 घंटे में 153 मिली मीटर बारिश का होने का रिकॉर्ड जारी किया है। इससे पहले वर्ष 2007 में 26 सितंबर को 24 घंटे में 149.1 मिलीमीटर बारिश हुई थी। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक गुजरात से लेकर उत्तर पश्चिम बिहार से होते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसके अलावा दक्षिण पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18000 फीट की ऊंचाई पर चक्रवाती हवा का क्षेत्र बना हुआ है। यह दक्षिण पूर्व उत्तर प्रदेश की तरफ शिफ्ट हो रहा है। इस दोनों का असर पूर्वी यूपी पर बना हुआ है।
जिसके कारण एक सर्कुलेशन सिस्टम बन गया है। इस सिस्टम की वजह से ही पूर्वी यूपी में गुरुवार की शाम से झमाझम बारिश हो रही है। झमाझम बारिश से दिन और रात का तापमान नीचे लुढ़क गया है। शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 7 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया। शनिवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब 2.4 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा।
मंगलवार तक ऐसा ही रह सकता है मौसम
मौसम विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक पिछले तीन दिनों में करीब 250 मिली मीटर बारिश हो चुकी है। जबकि सितंबर को मानसून सीजन के समाप्ति का महीना माना जाता है। इस महीने में औसतन 178 मिमी बारिश ही होती है। मौसम विभाग के मुताबिक अभी मंगलवार तक मौसम ऐसे ही बना रहेगा। रुक-रुक कर बारिश होगी। मंगलवार को भी हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
जिला अस्पताल बना वाटर पार्क
शुक्रवार की रात से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण शनिवार की सुबह अस्पताल में हर तरफ पानी ही दिखा। शनिवार की सुबह भींगते हुए इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को कहीं बैठने तक का इंतजाम नहीं मिला। ओपीडी पर्चा काउंटर के कमरों में पानी घुस गया था। इसको देखते हुए कर्मचारी सकते में आ गये ।ज्यादातर कंप्यूटर की वायरिंग के पास तक पानी पहुंचा हुआ था। ओपीडी दवा वितरण कक्ष में भी पानी घुस गया। कर्मचारियों ने यहां दवाओं को ऊपर अलमारी पर रखवाया है। अस्पताल प्रशासन ने सभी सफाई कर्मियों की ड्यूटी परिसर से पानी निकालने में लगा दी है। दोपहर तक बरसात बंद नहीं हुई थी। इससे मरीज, चिकित्सक और कर्मचारी सभी हलकान रहे। ज्यादातर विभागों की ओपीडी में इक्का दुक्का मरीज ही पहुंचे।
शहरवासी सहयोग करें: ADM
ADM वित्त/ अपर जिलाधिकारी विनीत कुमार सिंह ने शहरवासियों से अपील की है कि लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित है, और मौसम विभाग ने आगे भी बारिश के साथ वज्रपात की संभावना जताई है। उन्होंने लोगों से कहा कि यदि बहुत जरूरी न हो तो अपने घरों से बाहर न निकलें। इसके साथ ही, उन्होंने जलजमाव की समस्या को हल करने के लिए नगर निगम और अन्य विभागों द्वारा की जा रही जलनिकासी व्यवस्था में सहयोग करने का अनुरोध किया है।