1 अप्रैल से हाइवे पर संचालित टोल टैक्स की दरें बढाने के फैसले पर रोक, एनएचएआई ने भेजी गाइड लाइन
मुख्य संवाददाता, स्वराज इंडिया
कानपुर।
नेशनल हाइवे पर संचालित टोल टैक्स नए वित्तीय वर्ष से बढाए जाने की तैयारी थी। इसको लेकर ’स्वराज इंडिया’ समाचार पत्र ने 29 मार्च को खबर प्रकाशित कर शुल्क बढाने की जानकारी दी। इस मामले का भारत निर्वाचन आयोग ने संज्ञान लिया है। चूंकि, मौजूदा समय में आम चुनाव की अधिसूचना चल रही है। ऐसे में शुल्क घटाना और बढाना दोनों प्रभावी होते हैं।
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर एनएचआई ने टोल टैक्स बढाने के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है। एनएचएआई कानपुर के पीडी अमन रोहिला के मुताबिक टोल टैक्स की पुरानी दरें ही प्रभावी रहेंगी। इस निर्णय से वाहन स्वामियों को काफी राहत मिली है क्यांे कि मंथली पास वाला भी शुल्क बढने की संभावनाएं थीं। कानपुर से प्रयागराज, लखनउ, दिल्ली, बारा टोल, झांसी सागर मार्ग पर टोल देना पडता है। कई जगह दो दो टोल प्लाजा है। जहां पर वाहन स्वामियों को अधिक शुल्क देना होता है।
बारा टोल पर नहीं चला किसी नेता का जोर
कानपुर देहात और नगर के बीच में स्थित बारा टोल प्लाजा की दरें सबसे अधिक हैं। यह दरें देश के सबसे मंहगे टोल में गिनी जाती हैं। बारा गांव के पास टोल प्लाजा स्थापित करने से आसपास के लोगों को भारी मुसीबत होती है। लोगों को जरा दूर के आवागमन में शुल्क देना पड रहा है। इस टोल को हटवाए जाने के लिए कई स्थानीय नेताओं ने लंबी लंबी बातें की ओर ढीगें हांकी लेकिन टोल हटने की बात तो दूर लगातार साल दर साल दरें बढती जा रही है। इससे आए दिन स्थानीय ग्राम वासियों का विवाद भी होता है।