मलासा में खुद प्यासे अमृत सरोवर ग्राम पंचायत विजयपुर में पूरी तरह से अमृत सरोवर योजना हुई विफल ग्राम पंचायत सचिव और प्रधान की अनदेखी से योजना को लग रहा पलीता
संवाददाता, स्वराज इंडिया
कानपुर देहात।शासन के निर्देश पर जल संचयन की दृष्टि से संचालित की गई अमृत सरोवर योजना मलासा ब्लॉक के क्षेत्र में पूरी तरह से दम तोड़ती नजर आ रही है । ग्राम प्रधान और सचिवों की लापरवाही के चलते शासन के महत्वाकांक्षी योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। इससे क्षेत्र में चयनित अमृत सरोवर अब तक अधूरे पड़े हुए हैं लेकिन ग्राम पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी अमृत सरोवरों के अधूरे पड़े कामों को पूरा करने के प्रति कोई सजीदंगी नहीं दिखा रहे हैं। शासन ने लगातार भूगर्भ जल स्तर को सुधारने के लिए वर्षा ऋतु जल के संचित करने के लिए गांव गांव में तालाब खुदाई के साथ-साथ अमृत सरोवर बनाने के निर्देश दिए थें। योजना के मुताबिक ग्रामीण अंचल के विलुप्त हो रहे तालाबों को सवारने के लिए अमृत सरोवर बनाने के लिए निर्णय लिया गया था। जिसमें तालाब के खुदाई के साथ-साथ उसके चारों तरफ पक्की सीढ़ियां टहलने के लिए इंटरलॉकिंग सड़क व प्रकाश की व्यवस्था के लिए लाइटिंग और सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग आदि बनाई जानी थी ग्राम पंचायत के मनरेगा एवं राज्य वित्त के कन्वर्जन से इन्हें तालाबों का सुंदरीकरण होना था। शासन ने इसके लिए स्पष्ट गाइडलाइन जारी करते हुए गांव के स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर इनका नामकरण करने के लिए साथ साथ ऐतिहासिक पर्वों का ध्वजा रोहण करने के भी निर्देश दिए थे लेकिन ग्राम पंचायत मैं तैनात सचिवों की मनमानी व लापरवाही अमृत सरोवर के निर्माण कार्य सत्र पूरा होने के बावजूद अभी अधूरे पड़े हुए हैं । विकासखंड मलासा के ग्राम पंचायत विजयपुर में पूरी तरह से अमृत सरोवर योजना विफल नजर आ रही है तालाब के चारों ओर से छायादार पौधों के साथ-साथ प्रकाश व्यवस्था के लिए सोलर लाइट भी लगानी है लेकिन कागजों पर अमृत सरोवर का निर्माण कार्य पूरा कर दिया गया है। एडीओ पंचायत साहब सिर्फ ब्लॉक से ही कागजी कार्रवाई कर रहे हैं और धरातल में योजना धड़ाम है।
खंड विकास अधिकारी संजू सिंह ने बताया है कि जानकारी नहीं है मामला संज्ञान में लेकर कार्यवाही की जायेगी।
