
जबलपुर: गुरु व शुक्र ग्रहों के अस्त होने से विवाह समारोहों पर अप्रेल के अंत से लगा विराम 29 जून को समाप्त हो जाएगा। गुरु ग्रह का उदय हो चुका है, अब 29 जून को शुक्रोदय भी होगा। शुक्रोदय होने के 3 दिन बाद ही शहनाइयों की गूंज सुनाई देने लगेगी। इसके बाद सभी शुभ और मांगलिक कार्य शादी-विवाह, नामकरण, जनेऊ, मुंडन, गृहप्रवेश, भूमि पूजन, भवन-वाहन, आभूषण की खरीदारी शुरू हो जाएगी।

कुंडली में मंगल दोष होता है उनकी शादी में रुकावटें आती हैंमैरिज गार्डन, बारातघर के संचालकों के अनुसार जुलाई में विवाहों के आयोजन के लिए शहर के 150 मैरिज गार्डन और करीब 200 हाल तैयार हैं। वर्षा के चलते इन मैरिज गार्डन व बारातघरों को 500 से अधिक बुकिंग मिली हैं। वर्षा को देखते हुए गार्डनों की विद्युत साज-सज्जा व आर्टिफिशियल फूलों से सजावट की जा रही है। इसके साथ ही लोगों ने बरसात के लिहाज से मैरिज गार्डनों की सजावट कराने के आर्डर दिए हैं।
विवाह के लिए गुरु, शुक्रोदय जरूरी
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार विवाह के लग्न मुहूर्त देखते समय गुरु और शुक्र ग्रह का अच्छी स्थिति में होना जरूरी होता है। इनमें से एक भी ग्रह अस्त होने या खराब स्थिति में होने पर उस तिथि में विवाह का मुहूर्त नहीं बनता है। देवगुरु बृहस्पति और शुक्र देव को विवाह के लिए कारक माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में गुरु और शुक्र ग्रह मजबूत स्थिति में होते हैं तो जल्द शादी के योग बनते हैं। इन दोनों ग्रहों के कमजोर होने पर विवाह में बाधा आने लगती है। यह भी माना जाता है कि गुरु और शुक्र तारा के अस्त होने पर विवाह नहीं किया जाता है। इस बार गुरु ग्रह 3 मई को अस्त हुए थे। इसके चलते ये सभी मांगलिक कार्य नहीं हो रहे थे। गुरु ग्रह 2 जून को उदय हो चुके हैं। वहीं शुक्र ग्रह 29 अप्रेल को अस्त हुए थे। 29 जून को शुक्रोदय होगा। इसके बाद शुक्र की बाल्यावस्था समाप्त होने पर 2 जुलाई से विवाह आरभ हो जाएंगे।