सिर्फ कमीशन के लिए खरीदी गई गाडियां
-ग्राम सभा से नगर पंचायत बनी मूसानगर में खरीद फरोख्त में भ्रष्टाचार का अंदेशा
-ईओ की तैनाती न होने से लिपिक ही चलाते रहे नगर पंचायत
-विकास कार्यों के नाम पर हर तरफ अनदेखी
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो
कानपुर देहात।
भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस नीति पर कायम यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार में कदम कदम पर अधिकारी और कर्मचारी मिलकर घपले की इबारत लिखने में जुटे हैं। बस जांच हो जाए तो पता चले कि खेल कितना हुआ है। नई बनी नगर पंचायत मूसानगर का हाल भी कुछ ऐसा है कि यहां पर भ्रष्टाचार के संकेत मिल रहे हैं। नगर पंचायत कार्यालय परिसर में खडी गाडियां और कूडा उठान वाली ठेलियां कबाड में तब्दील हो रही हैं।
भोगनीपुर तहसील क्षेत्र में 20 हजार की करीब आबादी वाली मूसानगर ग्राम पंचायत को वर्ष 2019 में नगर पंचायत का दर्ज दिया गया था। इससे ग्राम के लोगों को नगरीय सुविधाएं मिलने की आस जगी लेकिन सिस्टम के लचर रवैए से ज्यादा बदलाव नहीं हुआ। विकास के नाम पर खेल जरूर किए गए। नगर पंचायत कार्यालय द्वारा सफाई, विकास के नाम पर दर्जनों कूडा गाडियां, टे्रक्टर सहित अन्य डीजल चलित वाहन खरीदे गए। इनका प्रयोग सही से नहीं किया गया। देखरेख के अभाव में नए वाहन कबाड होने लगे हैं। सूत्रों का दावा है कि इनके संचालन के नाम पर जरूर लाॅग बुक बनी है। बताया गया है कि कई साल तक नगर पंचायत में परमानेंट की ईओ की नियुक्ति नहीं होने से लिपिक के सहारे पंचायत चलती रही।

बीजेपी की चेयरमैन, फिर भी यह हाल
केंद्र से लेकर राज्य तक सत्ताधीन बीजेपी सरकार है। मूसानगर नगर पंचायत की चेयरमैन पूजा भी बीजेपी से हैं। इसके बाद भी विकास की झलक नगर पंचायत में नहीं दिखती है। यहां पर हर तरफ विकास कार्यो के नाम पर मनमानी और अनदेखी का आलम नजर आता है। स्वराज इंडिया संवाददाता से पूजा निषाद ने कहा कि आपके द्वारा समस्याओं की जानकारी हुई है ।एक हफ्ते के अंदर समस्याओं का निराकरण करा देंगे।
ईओ बोले, पटरी पर ला रहे संसाधन
नगर पंचायत मूसानगर के वर्तमान ईओ-एक्जीक्यूटिव आफिसर संजय पटेल ने बताया कि जब वह यहां आए थे तो हाल बदतर था। गाडियों की सर्विसेस कभी नहीं हुई, इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियां खराब थीं। धीरे धीरे अब सुधार करवा रहे हैं। दो टैक्ट्ररों समेत 7 गाडियां चल रही हैं। सफाई कर्मियों को रिक्शा ठेलिया देना चाहिए लेकिन दिया गया।