Friday, April 4, 2025
Homeब्रेकिंग न्यूजचीन में बढ़ते hMPV संक्रमण और भारत में हल्की खांसी के बढ़ते...

चीन में बढ़ते hMPV संक्रमण और भारत में हल्की खांसी के बढ़ते मामलों के लक्षण समान…

hMPV infection in China : चीन में तेजी से फैल रहे hMPV (ह्यूमन मेटानिमोवायरस) ने इस डर को और गहरा कर दिया है कि कहीं यह कोरोना जैसी महामारी का नया रूप न हो।

hMPV infection in China: hMPV ठंड के मौसम में सर्दी-जुकाम और खांसी के मामलों में वृद्धि होना आम बात है, लेकिन इस बार एक नई चुनौती उभर रही है। लोगों को लंबे समय तक हल्की खांसी की शिकायत हो रही है, जो बाद में चेस्ट इंफेक्शन का रूप ले रही है। यह स्थिति सामान्य है या किसी नए वायरस का संकेत, यह जानना बेहद जरूरी हो गया है।

क्या है hMPV वायरस?

वायरस की पहचान और उत्पत्ति

ह्यूमन मेटानिमोवायरस (hMPV) पहली बार 2001 में पहचाना गया था। यह वायरस रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट से जुड़ी बीमारियों का कारण बन सकता है और निमोनिया जैसे गंभीर संक्रमण भी पैदा कर सकता है।

hMPV: किसे अधिक खतरा है?

छोटे बच्चे, बुजुर्ग, और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग इस वायरस से ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। बच्चों में इसके संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा देखा गया है।

शुरुआती लक्षण

इस वायरस के संपर्क में आने के 3-6 दिनों के भीतर निम्नलिखित लक्षण दिख सकते हैं:

लगातार खांसी
हल्का या तेज बुखार
बंद नाक
सांस लेने में तकलीफ
गंभीर संक्रमण का संकेत
कई मामलों में यह संक्रमण ब्रोंकाइटिस या निमोनिया का रूप ले लेता है। फेफड़ों में पानी भरने जैसी स्थिति होने पर इलाज और भी जटिल हो सकता है।

संक्रमण के मुख्य कारण
यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। निम्नलिखित गतिविधियां संक्रमण का जोखिम बढ़ा सकती हैं:

खांसी-जुकाम वाले मरीज के पास रहना
संक्रमित सतहों को छूने के बाद मुंह, नाक या आंखों को छूना
बीमार व्यक्ति की देखभाल करना

बचाव के उपाय

रोकथाम ही है सबसे अच्छा इलाज
hMPV वायरस का अभी तक कोई निश्चित इलाज नहीं है। ऐसे में रोकथाम ही सबसे प्रभावी उपाय है।

हाथों की सफाई: साबुन से 20 सेकंड तक हाथ धोएं।
स्वच्छता बनाए रखें: घर और आसपास की जगह को साफ रखें।
बीमार लोगों से दूरी: संक्रमित व्यक्ति के पास जाने से बचें।
सावधानी से खांसी और छींकें: मुंह और नाक को ढककर खांसी करें।
बीमारी होने पर क्या करें?
यदि आपको खांसी-जुकाम है, तो घर पर ही आराम करें। डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक न लें।

चीन में वायरस के बढ़ते प्रकोप पर नजर

चार बड़े संक्रमण का खतरा

चीन में केवल hMPV ही नहीं, बल्कि कोविड-19, इंफ्लूएंजा ए, और माइकोप्लाज्मा निमोनिया के मामलों में भी तेजी देखी गई है।

भारत के लिए सतर्कता जरूरी

इन स्थितियों को देखते हुए भारत में सावधानी बरतना आवश्यक है। हर साल ठंड के मौसम में वायरल संक्रमण बढ़ता है, लेकिन सतर्कता से ही इनसे बचा जा सकता है।

सावधानी रखें, सतर्क रहें
hMPV वायरस के बढ़ते खतरे को नजरअंदाज न करें। ठंड में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और किसी भी लक्षण के दिखने पर डॉक्टर से सलाह लें। साफ-सफाई और स्वच्छता ही बचाव की पहली शर्त है।

Previous article
दिवंगत अपना दल नेता सोनेलाल पटेल की बेटियों की लड़ाई फिर सड़क पर आई स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजनीति में कभी अपनी पहचान और पकड़ रखने वाले अपना दल के नेता सोनेलाल पटेल की अक्टूबर 2009 में एक सड़क हादले में मौत के बाद उनकी बेटियों अनुप्रिया पटेल और पल्लवी पटेल के बीच छिड़ी सियासी विरासत की जंग एक बार फिर सड़क पर आ गई है। सोनेलाल की पुत्री और अपना दल एस की सांसद अनुप्रिया,  मोदी सरकार में मंत्री हैं जबकि पल्लवी पटेल समाजवादी पार्टी से विधायक है। यूपी सरकार में मंत्री और अपना दल (सोनेलाल पटेल) के नेता आशीष पटेल(पति अनुप्रिया पटेल) पर लगे आरोपों का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। सपा से सिराथू की विधायक व अपना दल (कमेरावादी) की नेता डा. पल्लवी पटेल ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से बड़ी मांग कर दी है। उन्होंने मंत्री आशीष पटेल के प्राविधिक शिक्षा विभाग में हुए भ्रष्टाचार के मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने की मांग करते हुए पत्र लिखा है। पल्लवी पटेल ने पत्र के माध्यम से राज्यपाल को अवगत कराया है कि उत्तर प्रदेश प्राविधिक एप्लाइड साइंस एवं ह्यूमैनिटीज सेवा संघ ने उन्हें बताया है कि प्राविधिक शिक्षा विभाग द्वारा असंवैधानिक कार्यवाही करते हुए विभागाध्यक्ष के पद प्रोन्नति के माध्यम से भर दिए गए हैं। ये पद नियमानुसार उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाने चाहिए थे।    पत्र के माध्यम से पल्लवी पटेल ने मांग की है कि प्राविधिक शिक्षा के छात्रों व शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए विभागीय भ्रष्टाचार के विरुद्ध एसआईटी गठित कर जिम्मेदार दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्हें दंडित किया जाए। साथ ही नौ दिसंबर 2024 को डीपीसी के माध्यम से दिए गए शासनादेश को तत्काल निरस्त किया जाए। पल्लवी पटेल ने विधानसभा के बीते सत्र के दौरान भी इस मुद्दे को सदन में उठाने की कोशिश की थी लेकिन विधानसभा अध्यक्ष द्वारा मुद्दा उठाने की अनुमति न दिए जाने पर उन्होंने सदन के बाहर चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के करीब देर रात तक धरना दिया था।  राज्यपाल से मुलाकात के पहले ही अपना दल कमेरावादी पार्टी की नेता पल्लवी पटेल ने कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल के खिलाफ मोर्चा खोला था। उन्होंने आशीष पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद आशीष पटेल ने जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि मेरा नाम आशीष पटेल है। मैं सरदार पटेल का बेटा हूं। मैं डरने वाला नहीं हूं। उन्होंने कहा कि सीबीआई से जांच करा लीजिए।
Next article
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!