Friday, April 4, 2025
Homeराज्यउत्तर प्रदेशतेज़तर्रार आईएएस एम. देवराज की भी नहीं सुनते यहां के अफसर

तेज़तर्रार आईएएस एम. देवराज की भी नहीं सुनते यहां के अफसर

कानपुर आईटीआई में दो प्रधानाचार्यो की लडाई में 5 हजार छात्र एवं छात्राओं का भविष्य खतरे में
-प्रधानाचार्य की एक सीट के लिए दो दावेदार होने से बिगडी बात
-एक प्रधानाचार्य कोर्ट से आदेश लेकर पहुंचे तो दूसरे को शासन ने दी थी पोस्टिंग

उच्चाधिकारियों की अनदेखी योगी शासन की किरकिरी

स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो
कानपुर।

सीएम योगी आदित्यनाथ के सख्त शासन के बावजूद कई अधिकारी सरकार की किरकिरी करा रहे हैं। मामला कानपुर से सामने आया है। पांडूनगर स्थित आईटीआई के प्रधानाचार्य पद के लिए दो-दो दावेदार सामने आने से माहौल दंगल में बदल गया है। एक सप्ताह से यह हालात बने हुए हैं लेकिन शासन में बैठे उच्चाधिकारी मामले की अनदेखी कर रहे हैं। जिससे हालात बिगडते जा रहे हैं और करीब 5 हजार से अधिक स्टूडेंटस के भविष्य के साथ खिलवाड हो रहा है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, 30 जून 2024 को शासन के आदेश पर यहां पर तैनात प्राधानाचार्य डा0 नरेश कुमार का तबादला उपनिदेशक प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय लखनउ कर दिया गया। उसी दिन व्यवसायिक शिक्षा कौशल विकास विकास और उद्यमशीलता अनुभाग के संयुक्त सचिव कुलदीप बाबू ने डा0 अमित कुमार पटेल को प्रधानाचार्य पद पर तैनात किया। अमित कुमार पटेल ने कानपुर पहुंचकर ज्वाइन भी कर लिया। बीते 6 दिन पहले अपने तबादला को लेकर हाईकोर्ट से स्थगन आदेश ले आए। छुटटी पर गए अमित कुमार पटेल की कुर्सी पर जबरन बैठ गए। अपनी नेम प्लेट लगा दी और ट्रेजरी के सारे वित्तीय कार्य करना प्रारंभ कर दिया। इससे अब वहां पर विवाद के हालात बने हुए हैं। कर्मचारी भी असमंजस में हैं कि क्या किया जाए। वहीं, इस मामले में प्रमुख सचिव एम. देवराज से फोन पर बात करने का प्रयास किया गया लेकिन बात नहीं हुई।

जेडी राहुल देव की भूमिका संदिग्ध

पांडुनगर आईटीआई के बगल में ज्वाइंट डायरेक्टर का कार्यालय है। यहां पर कई वर्षो से जेडी राहुल देव की तैनाती है। उनकी भूमिका संदिग्ध लग रही है। सूत्रों का कहना है कि जेडी राहुल जल्दबाजी दिखाते हुए डा. नरेश कुमार को चार्ज कैसे दे दिया। जब कि शासन ने अमित कुमार पटेल को नियुक्ति किया है और चार्ज भी उन्ही के पास है। राहुल देव, इस पूरे घटनाक्रम के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं। क्यों कि राहुल देव ने यह बात जानते हुए कि अगस्त में आईटीआई की परीक्षाएं प्रस्तावित हैं फिर भी छात्रों के भविष्य को दरकिनार करके मनमानी करने की कोशिश की। उनपर विभागीय एक प्रशिक्षक को कार्यालय में बैठाकर दलाली करने के आरोप लग चुके हैं। इसकी शिकायतें भी हुई लेकिन मजबूत सिस्टम होने के कारण उनका प्रमुख सचिव से लेकर मंत्री तक कुछ नही ंकर सके। हालांकि, इसमें शासन के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत प्रतीत होती है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!