Friday, April 4, 2025
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एचआईवी के मरीजों की संख्या में तेजी से हो रहा इज़ाफा: जानें लक्षण और कारण…

एचआईवी के लक्षण: यूनिसेफ की रिपोर्ट में कहा गया है कि तेजी से एचआईवी पीड़ितों की संख्या में लोगों को देखने को मिल रही है। 2019 के आंकड़े बताते हैं कि हर 1 मिनट और 40 साल की उम्र में 20 साल से कम उम्र का युवा शिकार बन रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एचएवीआई से...

एचआईवी के लक्षण: यूनिसेफ की रिपोर्ट में कहा गया है कि तेजी से एचआईवी पीड़ितों की संख्या में लोगों को देखने को मिल रही है। 2019 के आंकड़े बताते हैं कि हर 1 मिनट और 40 साल की उम्र में 20 साल से कम उम्र का युवा शिकार बन रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एचएवी से पीड़ित व्यक्ति बिना दवा के 3 साल तक जीवित रह सकते हैं। अज़ाब शरीर की सफेद रक्त पाइपलाइन को अपना शिकार बनाता है। आज हम जानेंगे कि इस बीमारी के लक्षण (एचआईवी के लक्षण) क्या हैं और कारण क्या हैं।

क्या है एचाइेवी के लक्षण

जब कोई व्यक्ति एचाईवी की चपेट में आता है तो उसके अंदर फ्लू जैसे लक्षण (symptoms of HIV) दिखाई देने लगते हैं। ये लक्षण मात्र 2 से 6 सप्ताह के भीतर आने लगते हैं। जब व्यक्ति एचाईवी की चपेट में आ जाता हैं तो उसे एड्स हो जाता है।

जब ​कोई व्यक्ति एचाईवी (symptoms of HIV) के पहले स्टेज पर होता है तो उसे बार-बार बुखार का आना,ठंड का लगना, शरीर पर लाल चकत्ते नज़र आने लगना, सिरदर्द की शिकायत रहना, गर्दन पर सूजन महसूस होना, रात को पसीना आना, माउथ और जेनिटल अल्सर, जोड़ों में मामूली दर्द की शिकायत, हर वक्त थकान रहना आद लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

स्टेज 2 को क्रोनिक एचआईवी संक्रमण के नाम से जाना जाता है। जब यह स्टेज आता है तो वायरस कई गुना तक बढ़ जाता है। जब यह स्टेज आता है तो तेज़ी से सेक्स पार्टनर में फैलने का खतरा बना रहता है।

स्टेज 3 में मरीज को कुछ गंभीर लक्षण (symptoms of HIV) आने लगते हैं जैसे निमोनिया,हर समय थकावट रहना, बुखार रहना, याददाश्त कमज़ोर होना और डिप्रेशन की समस्या आदि समस्या होने लगती है।

कारण जो एचाईवी को बढ़ाते हैं

जब कोई व्यक्ति एचाईवी से संक्रमित होता है तो वह एड्स का शिकार हो जाता है। एचाईवी एक वायरस है जो हमारे इम्यून सिस्टम को कमजोर बना देता है। आइए जानते हैं इसके फैलने के कारण क्या है।

यौन संबंध के माध्यम से

जब आप असुरक्षित यौन संबध बनाते हैं तो इस वायरस का फैलने का सबसे बढ़ा कारण बन जाता है। किसी भी प्रकार का सेक्स बिना प्रोटेक्शन के करना एचाईवी का खतरा पैदा कर देता है।

संक्रमित सुइयों के माध्यम से

संक्रमित सुइयों का प्रयोग भी इसका मुख्य कारण माना जाता है। किसी भी प्रकार की सिरिंज को शेयर करने पर व्यक्ति इंफेक्टेड ब्लड के संपर्क में आ जाता है और संक्रमित हो जाता है।

मां से बच्चे तक

यह वायरस मां से बच्चे तक जन्म के दौरान या स्तनपान से भी फैल सकता है।

एचाईवी का उपचार

एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी

यह एचआईवी संक्रमण और इसके संचरण के सभी चरणों में एचआईवी से जुड़ी बीमारियों को कम करता है। यह शरीर में सीडी 4 की संख्या को स्थिर रखता है और एड्स के विकास को रोकता है। अधिकांश लोग उपचार शुरू करने के छह महीने के भीतर नियमित रूप से दैनिक एचआईवी उपचार लेते हैं, जिसमें नाक स्प्रे और इनहेलर के साथ मनोरंजक दवाएं भी शामिल होती हैं।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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