इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता: ग्लोबल वॉर्मिंग की वजह से ग्लेशियर तेजी से गल रहे हैं। यही कारण है कि समुद्र में पानी बढ़ रहा है। दुनिया के कई देश इस वजह से बाढ़ की चपेट में आ रहे हैं। पूरी दुनिया में एक शहर एैसा है जो सबसे पहले डूब जायेगा। इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पानी से घिरता जा रहा है। इस शहर में समुद्र का पानी शहर की ऊंचाई के ऊपर बह रहा है। जिसे रोकने के लिये सरकार को दीवार भी बनानी पड़ गई है।
विश्व में जलवायु परिवर्तन का असर साफ देखने को मिल रहा है। इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता, दुनिया का सबसे तेजी से डूबने वाला शहर है। पिछले 25 सालों में यह 16 फीट धंस चुका है। इसका कारण जकार्ता में भूजल का अत्यधिक दोहन, सूखे दलदलों पर बनी इमारतें, और बुनियादी ढांचे की कमी की वजह है। शोधकर्ताओं का मानना है कि अगर धंसाव की समस्याओं का समाधान न किया गया, और समुद्र का पानी बढ़ता रहा तो साल 2050 तक शहर के कुछ हिस्से पूरी तरह से डूब जाएंगे।
जकार्ता बीते दस सालों में ढाई मीटर जमीन में समा गया है, लेकिन पानी पर बसे इस शहर पर निर्माण कार्य लगातार जारी है। शहर के नीचे से 13 नदियां निकलती हैं। वहीं दूसरी तरफ ये शहर समुद्र से घिरा हुआ है, जिस वजह से इसकी जमीन दलदली है। इसके अलावा बाढ़ की वजह से शहर का ज्यादा हिस्सा अक्सर पानी में डूबा रहता है। जमीन के अंदर का पानी खत्म होना भी एक गंभीर समस्या बनी हुई है।
इंडोनेशिया के एक प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान बैंडंग इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में 20 सालों से जकार्ता की जमीन में बदलाव का अध्ययन कर रहे हैरी एंड्रेस ने इसे एक बेहद गंभीर समस्या बताया है। एंड्रेस ने बताया कि आंकड़ों को देखें तो 2050 तक उत्तरी जकार्ता का 95 फीसदी हिस्सा डूब जाएगा। यह समस्या केवल जकार्ता तक ही सीमित नहीं है। सेमारंग (इंडोनेशिया), बैंकॉक (थाईलैंड), योकोहामा (जापान) और मैक्सिको सिटी भी धंसने के इसी तरह के खतरे का सामना कर रहा है।