लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में रुहेलखंड और ब्रज क्षेत्र की 10 सीटों पर मतदान होगा। तीसरा चरण कई मंत्रियों की साख का भी इम्तिहान लेगा। भले ही यह लोकसभा का चुनाव हो लेकिन केंद्र के साथ ही राज्य सरकार के मंत्रियों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है।
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो | तीसरे चरण में मैनपुरी की दिलचस्प चुनावी लड़ाई में सपा की वर्तमान सांसद डिंपल यादव के सामने भाजपा ने राज्य सरकार में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह को मैदान में उतारा है। जयवीर मैनपुरी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं। मैनपुरी सीट पर वर्ष 1996 से सपा का कब्जा रहा है। भाजपा यहां अब तक खाता नहीं खोल पाई है। हालांकि, वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में इस लोकसभा सीट के दो विधानसभा क्षेत्रों पर भाजपा जीतने में कामयाब रही। देखना होगा कि जयवीर मैनपुरी सीट पर भाजपा का झंडा गाड़ पाते हैं या नहीं।
केंद्र सरकार के विधि और न्याय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल आगरा (अनुसूचित जाति) सीट से लगातार दूसरी बार लोकसभा पहुंचने के प्रयास में लगे हैं। उनका मुकाबला सपा के सुरेश चंद कर्दम और बसपा की पूजा अमरोही से है। सुरेश चंद कर्दम जूता कारोबारी हैं जो वर्ष 2000 में आगरा से महापौर का चुनाव लड़ चुके हैं। वहीं पूजा अमरोही कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य सत्या बहन की पुत्री हैं। तीसरे चरण में बघेल की भी परीक्षा होगी।
अनूप वाल्मीकि की भी परीक्षा
योगी सरकार के राजस्व राज्य मंत्री अनूप वाल्मीकि को भी तीसरे चरण में परीक्षा से गुजरना होगा। वह अलीगढ़ के खैर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। भाजपा ने उन्हें हाथरस सीट से चुनावी जंग में उतारा है। उन्हें सपा के जसवीर वाल्मीकि और बसपा के हेमबाबू धनगर से लोहा लेना होगा।
देखना होगा कि ग्राम प्रधान से विधायक और फिर राज्य मंत्रिमंडल का सदस्य बने अनूप वाल्मीकि हाथरस सीट को फिर भाजपा की झोली में डाल पाते हैं या नहीं। तीसरे चरण में जिन क्षेत्रों में चुनाव हो रहा है, उनसे संबंधित राज्य सरकार के मंत्रियों के लिए भी यह चरण चुनौती भरा है।
बेबी रानी मौर्य की प्रतिष्ठा भी दांव पर
इस चरण में फतेहपुर सीकरी सीट पर योगी सरकार में महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। बेबी रानी फतेहपुर लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले आगरा ग्रामीण क्षेत्र की भाजपा विधायक हैं। महिला कल्याण मंत्री होने के नाते भाजपा की उनसे यह अपेक्षा होगी कि वह आधी आबादी के बीच पार्टी के जनाधार को मजबूती देंगी। उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय के लिए भी यह चरण प्रतिष्ठापरक है।
उपाध्याय आगरा लोकसभा सीट के दायरे में आने वाले आगरा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक हैं। विधायक और मंत्री होने के नाते लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को जिताने में उनकी भूमिका का भी पार्टी मूल्यांकन करेगी। यही वजह है कि उपाध्याय शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के बीच खासतौर पर पसीना बहा रहे हैं। आगरा के निवासी होने के नाते नागरिक सुरक्षा एवं होमगार्ड राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति की साख भी आगरा सीट के चुनावी नतीजे से जुड़ी है।
योगी सरकार के एक और कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह की प्रतिष्ठा भी तीसरे चरण से जुड़ी है। राज्य सरकार में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह आंवला विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं जो कि आंवला लोकसभा सीट का हिस्सा है। क्षेत्रीय विधायक और मंत्री के रूप में लोकसभा चुनाव में वह आंवला सीट पर भाजपा की जीत दिलाने में कितनी प्रभावी भूमिका निभाएंगे, इस पर भी निगाहें लगी हैं। तीसरे चरण में संभल लोकसभा सीट पर भी चुनाव होगा। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा यह सीट हार गई थी।
माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी इस लोकसभा सीट के चंदौसी विधानसभा क्षेत्र की विधायक हैं। ऐसे में संभल सीट पर होने जा रहे चुनाव के जरिये क्षेत्र में उनकी सक्रियता और लोकप्रियता भी परखी जाएगी। बरेली विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक और राज्य सरकार में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना के लिए भी तीसरा चरण कम प्रतिष्ठापरक नहीं है। इसी चरण में बरेली लोकसभा सीट पर चुनाव हो रहा है जहां भाजपा ने अपने कद्दावर नेता और आठ बार के सांसद संतोष गंगवार का टिकट काटकर पूर्व राज्य मंत्री छत्रपाल गंगवार को मैदान में उतारा है।
बेटा मंत्री और पिता मैदान में
पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पुत्र राजवीर सिंह तीसरे चरण में एटा लोकसभा सीट पर जीत की तिकड़ी लगाने के इरादे से चुनाव मैदान में हैं। उनके पुत्र बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह इस लोकसभा सीट के पड़ोस के अतरौली विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। पुत्र होने के नाते संदीप सिंह की प्रतिष्ठा भी पिता के चुनाव से जुड़ी है।