
नीट में गड़बड़ी की जांच का जिम्मा एनटीए ने अपने ही चेयरमैन को सौंपा
राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं ने उठाए हैं सवाल
नीट एक्जाम को लेकर स्वराज इंडिया की पड़ताल रिपोर्टिंग जारी है
मुख्य संवाददाता स्वराज इंडिया
लखनऊ/नई दिल्ली। नीट परीक्षा को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद शुरू हुआ विवाद अभी भी जारी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और अभिभावकों ने सोशल मीडिया पर एनटीए के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। स्टूडेंट्स, पैरेंट्स और कोचिंग टीचर्स नेशनल टेस्टिंग एजेंसी पर कई आरोप लगा रहे हैं। कई मामलों में नीट रिजल्ट में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है जिसमें पेपर लीक की आशंका, पहली बार इतनी ज्यादा संख्या में स्टूडेंट्स का टॉप करना, बिना नोटिफिकेशन गलत तरीके से ग्रेस मार्क्स देना, मार्क्स और रैंक में गड़बड़ी आदि शामिल हैं। एजेंसी ने सोची समझी रणनीति के तहत लोकसभा मतगणना के दिन 4 जून को अचानक रिजल्ट घोषित कर दिया जबकि ये रिजल्ट 14 जून को आना था। एआईआर में 67 छात्रों के नाम देखकर सभी भौंचक रह गए क्योंकि पहले एक से तीन छात्रों तक को ही 720 में 720 अंक मिलते रहे हैं। अचानक टॉप एक में 67 छात्रों के नाम ने सभी को चौंका दिया। तब से देश के विभिन्न राज्यों में रिजल्ट को लेकर विरोध शुरू हो गया है। इसी विरोध को देखते हुए व मामले की तह तक पहुंचने के लिए एनटीए के डायरेक्टर जनरल सुबोध कुमार सिंह ने 4 सदस्यीय कमेटी बनाने की घोषणा की लेकिन उसमें भी खेला कर दिया उन्होंने गड़बड़ी की जांच के लिए जिस कमेटी का गठन किया उसमें अपने ही चेयरमैन को अध्यक्ष बना दिया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि कमेटी वाकई में मामले की जांच करती है या केवल लोगों को खुस करने के लिए औपचारिकता निभाती है। यानी जांच के नाम पर एनटीएस को क्लीनचिट तो नहीं दे दी जाएगी ? फिलहाल कमेटी 1563 कंडीडेट व 6 सेंटरों की जांच करेगी जिन्हें बोनस अंक दिया गया है। इसमें छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा, बालोद, हरियाणा का बहादुरगढ़, मेघालय, सूरत गुजरात व चंडीगढ़ के सेंटरों के छात्र शामिल हैं। परीक्षा और रिजल्ट में गड़बड़ी को लेकर पूरे देश में लाखों विद्यार्थी सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। परीक्षा को पुनः आयोजित करने की मांग उठ रही है। विद्यार्थियों का कहना है कि रिजल्ट को फिर से सुधार कर जारी किया जाए या फिर परीक्षा को रद्द करते हुए फिर से परीक्षा ली जाए।
सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका-
सुप्रीम कोर्ट में नीट में गड़बड़ी को लेकर चार से छह याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं। इसमें फिर से परीक्षा कराने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट के वकील श्वेतांक सैलकवाल की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया है कि कई छात्रों के परिणाम में मनमाने तरीके से ग्रेस मार्क जोड़ा गया है इसके अलावा उक्त परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली की गई है।
नीट यूजी 2024 परीक्षा परिणाम सामने आने के बाद से ही छात्रों का गुस्सा एनटीए पर फूट गया है। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों पर मेडिकल स्टूडेंट्स का प्रदर्शन जारी है, इसी बीच विभिन्न प्रदेशों में अभ्यर्थियों द्वारा एनटीए के खिलाफ हाई कोर्ट में सैकड़ों याचिकाऐं दायर हो गई हैं।

युवाओं की आवाज दबने नहीं देंगे: राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि
नरेंद्र मोदी ने अभी शपथ भी नहीं ली है
और NEET परीक्षा में हुई धांधली ने 24 लाख से अधिक स्टूडेंट्स और उनके परिवारों को तोड़ दिया है।
एक ही एग्जाम सेंटर से 6 छात्र मैक्सिमम मार्क्स के साथ टॉप कर जाते हैं, कितनों को ऐसे मार्क्स मिलते हैं जो टेक्निकली संभव ही नहीं है, लेकिन सरकार लगातार पेपर लीक की संभावना को नकार रही है। शिक्षा माफिया और सरकारी तंत्र की मिलीभगत से चल रहे इस ‘पेपर लीक उद्योग’ से निपटने के लिए ही कांग्रेस ने एक रोबस्ट प्लान बनाया था।
हमने अपने मैनिफेस्टो में कानून बना कर छात्रों को ‘पेपर लीक से मुक्ति’ दिलाने का संकल्प लिया था। आज मैं देश के सभी स्टूडेंट्स को विश्वास दिलाता हूं कि मैं संसद में आपकी आवाज़ बन कर आपके भविष्य से जुड़े मुद्दों को मज़बूती से उठाऊंगा। युवाओं ने INDIA पर भरोसा जताया है – INDIA उनकी आवाज़ को दबने नहीं देगा।