
29 अगस्त को पैनल की पहली बैठक में कई सदस्यों ने सेबी के कामकाज और बुच के खिलाफ आरोपों की जांच की मांग करने के बाद इस मुद्दे को पीएसी के एजेंडे में भी जोड़ा गया था। पीएसी का नेतृत्व कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल करते हैं और इसमें सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी इंडिया ब्लॉक दोनों के सदस्य हैं।
हालांकि, अधिकारियों ने ये भी कहा कि यह सेबी प्रमुख के खिलाफ हाल के आरोपों से ही सामने आया है। उनमें से एक व्यक्ति ने कहा ने कहा कि इस मुद्दे को 29 अगस्त की बैठक में स्वत: ही संज्ञान लेते हुए जोड़ा गया था क्योंकि कई सदस्य पूंजी बाजार नियामक और सेबी प्रमुख के खिलाफ गंभीर आरोपों के बारे में चिंतित थे। संबंधित मंत्रालय के अधिकारियों को इस महीने में तलब किया जा सकता है।
बुच पर हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा अदाणी समूह के खिलाफ लगाए गए आरोपों की सेबी की जांच को लेकर हितों के टकराव का आरोप लगाया गया है। विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने आईसीआईसीआई बैंक, उनके पूर्व नियोक्ता द्वारा बुच को किए गए भुगतान पर मुख्य सवाल उठाया है।
जी के संस्थापक सुभाष चंद्रा ने उन पर भ्रष्ट आचरण का आरोप भी लगाया है और, कर्मचारियों ने वित्त मंत्रालय को नियामक में खराब के बारे में लिखित शिकायत भी की है।
मार्केट रेगुलेटर ने एक बयान में कहा कि कार्यस्थल पर “सार्वजनिक अपमान” की शिकायतें “गलत जगह” थीं। कांग्रेस पार्टी ने कहा था कि बुच ने आईसीआईसीआई बैंक में लाभ का पद ही संभाला था और सेबी से वेतन लेने के बावजूद आय भी प्राप्त की थी।
विपक्षी दलों ने इस मामले की स्वतंत्र जांच की पूर्ण मांग भी की है। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय हित में है क्योंकि विदेशी निवेशक चिंतित हो रहे थे और भारत के शेयर बाजारों की अखंडता के बारे में संदेह थे। पीएसी अपनी अगली बैठक 10 सितंबर को आयोजित करेगा लेकिन यह जल जीवन मिशन के ऑडिट समीक्षा तक ही सीमित रहेगा।