
–मुख्य सडक से लेकर साइड सडक तक में अवैध पार्किंग
-बीच सडक पर एंबुलेंस खडी करके मरीज उतारना और बैठाना आमबात
-मधुराज हाॅस्पिटल प्रबंधन के आगे सरकारी नियम कायदे फेल
मुख्य संवाददाता, स्वराज इंडिया
कानपुर।
एक तरफ सीएम योगी आदित्यनाथ ने शहर में अवैध स्टैंड संचालन पर रोक लगा दी है। वहीं कानपुर में स्वरूपनगर स्थित मधुराज हाॅस्पिटल के द्वारा मनमाने ढंग से बीच सडक पर कब्जा करके पार्किंग चलाई जा रही है। इसको लेकर आए दिन विवाद होते हैं। हाॅस्पिटल प्रबंधन की पुलिस और अन्य विभागों से सेटिंग होने के कारण कभी कार्रवाई नहीं होती है। इसके चलते हाॅस्पिटल प्रबंधन की मनमानी चरम पर है।
मोतीझील मेट्रो के सामने स्वरूपनगर में मधुराज हाॅस्पिटल का संचालन किया जा रहा है। अत्याधुनिक सुविधाओं के नाम पर हाॅस्पिटल में मरीजों से अनाप-शनाप बिल बनाकर लूटपाट होती है। यहां पर वाहन पार्किंग का कोई इंतजाम नहंी है। मरीज से लेकर डाक्टरों की गाडियां सडक पर खडी की जाती हैं। स्थानीय नागरिकों में अनिल गुप्ता, आशीष पांडेय आदि ने बताया कि यहां की सडक से निकलना मुश्किल होता है। कई बार एंबुलेंस बीच सडक पर खडी करके मरीज बैठाए और उतारे जाते हैं। इससे जाम के हालात होते हैं। अस्पताल के बगल में चैडी गली है। उसपर भी मधुराज हाॅस्पिटल का कब्जा है। सभी गाडियां अवैध रूप से पार्किंग की जा रही हैं।

कई मामलों से बदनाम हुआ मधुराज हाॅस्पिटल
निजी हाॅस्पिटल बेहतर इलाज का झांसा देकर सिर्फ नोट छापने की मशीन बनकर रह गए हैं। बीते दिन एक पूर्व सैनिक की पत्नी के इलाज के नाम पर 12 दिन में 35 लाख रूप्ए ऐंठ लिए गए। इसके बाद भी सैनिक के पत्नी की मृत्यु भी हो गई। मृतका के पुत्र ने इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाकर कोर्ट के आदेश पर मधुराराज हाॅस्पिटल के प्रबंधन और आधा दर्जन डाक्टरों के खिलाफ परिवाद केस कोर्ट में दर्ज किया गया है। इसी तरह से जूही निवासी अधिवक्ता अमरेश राय की मृत्यु होने के बाद भी तीन दिन तक वेंटीलेटर पर रखे रहे। परिजनों ने दबाव बनाकर अंदर देखा तो अधिवक्ता की मृत्यु हो चुकी थी, बाॅडी डिकंपोज होने लगी। इसपर अधिवक्ताओं ने हंगामा किया। वीडियोग्राफी से पोस्टमार्टम हुआ और स्वरूपनगर थाने मंे मुकदमा पंजीकृत किया गया है। इस तरह के हर दिन मामले आते रहते हैं। बीते साल एक मरीज की बीएचटी बदलने का आरोप लगा था। इसपर खूब हंगामा हुआ था।
