
Right time to drink coffee: कई व्यक्तियों के लिए एक कप कॉफी के बिना दिन की शुरुआत करना कठिन होता है। कॉफी को विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने में सहायक माना जाता है। लेकिन क्या आपको पता है इसका ज्यादा सेवन कई समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। ऐसे में इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। ऐसे में आज हम जानेंगे की कॉफी पीने के समय (Right time to drink coffee) को लेकर स्टडी क्या कहती है।
क्या है कॉफी पीने का समय
हाल ही में एक अध्ययन में बताया गया है कि सुबह के समय (Right time to drink coffee) कॉफी पीना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित इस शोध के अनुसार, जो लोग सुबह-सुबह कॉफी का सेवन करते हैं, उनमें हृदय रोग से मृत्यु का खतरा कम होता है। इसके अलावा, दिनभर कॉफी पीने वालों की तुलना में इन लोगों की मृत्यु दर भी कम होती है।
भोजन के बाद पी सकते हैं कॉफी
बताया जाता है कि खाने के लगभग 30 मिनट बाद कॉफी पी सकते हैं। इससे आपका पाचन बेहतर होता है। डाइटिशियन ब्लिस कहते हैं।
Right time to drink coffee: प्री-वर्कआउट के बाद
प्री-वर्कआउट के बाद कॉफी का सेवन किया जा सकता है। कॉफी से सतर्कता बढ़ती है और वर्कआउट परफॉर्मेंस को बढ़ावा मिलता है। कुछ अध्ययनों में बताया गया है कि कॉफी व्यायाम की थकान को कम कर सकती है और मसल्स की ताकत में सुधार कर सकती है।
सुबह कॉफी पीने को लेकर न्यूट्रिशनिष्ट शालिनी गारविन ब्लिस
न्यूट्रिशनिष्ट शालिनी गारविन ब्लिस का कहना है कि सुबह (Right time to drink coffee) सबसे पहले कॉफी पीने से बचना चाहिए। उन्होंने बताया कि जागने के बाद पहले 30-60 मिनट में, कोर्टिसोल स्वाभाविक रूप से आपके शरीर में बनता है और तुरंत कॉफी पीना कम प्रभावी हो सकता है और शरीर की प्राकृतिक कोर्टिसोल लय को बिगाड़ सकता है।
कब बचें कॉफी पीने से
विशेषज्ञों का मानना है कि देर दोपहर या शाम को कॉफी पीने से बचना चाहिए। इसका कारण है कि कैफीन को आपके सिस्टम से निकलने में कई घंटे लगते हैं, इसलिए दोपहर या शाम को देर से कॉफी पीने से आपकी स्लीप क्वालिटी प्रभावित हो सकती है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।