रामपुर की MP MLA कोर्ट से सपा नेता आजम खान को राहत मिली है. अदालत ने डूंगरपुर केस में बुधवार को सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया है. पेशी के बाद उन्हें वापस सीतापुर जेल भेज दिया गया.
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो | समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान को रामपुर की स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट राहत मिली है. कोर्ट ने साल 2019 में उन पर दर्ज हुए लूट और मारपीट के केस में बेगुनाह मानते हुए बरी कर दिया. डूंगरपुर केस में कोर्ट ने सपा नेता और पूर्व मंत्री आजम खान सहित सभी सातों आरोपियों को बरी कर दिया. बुधवार की सुनवाई में अदालत ने ये अहम फैसला सुनाया है.
यूपी में सपा सरकार के दौरान रामपुर में पुलिस लाइन के पास डूंगरपुर में आसरा कॉलोनी बनाई गई थी. यहां पहले से ही कुछ मकान बने थे, जिन्हें सरकारी जमीन पर बने बताकर साल 2016 में तोड़ दिया गया था, तोड़े गए मकान मालिकों ने सरकार बदलने पर साल 2019 में गंज थाने में कुल 12 पीड़ितों ने अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए थे, इसमें आरोप था कि सपा सरकार में आजम के इशारे पर पुलिस और सपाइयों ने आसरा आवास बनाने के लिए उनके घरों को जबरन खाली कराया और उनके साथ मारपीट और लूटपाट की. फरियादियों ने आरोप लगाया था कि मकानों पर बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त किया गया.
अदालत ने आरोपों को माना आधारहीन
इन मुकदमों में आजम खान का नाम जांच के दौरान शामिल किया गया था. गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बयान दिए कि उन्होंने आजम खान के इशारे पर मकानों में लूटपाट और तोड़फोड़ की थी. इस मामले में आजम खान, अजहर अहमद खान, ठेकेदार बरकत अली, रिटायर्ड सीओ आले हसन, फिरोज खान, रानू खां, धर्मेंद्र चौहान, फसाहत अली खां शानू आरोपी थे.
आज़म खान के वकील नासिर सुलतान ने बताया कि कोर्ट ने माना है कि घटना के समय डूंगरपुर बस्ती में किसी का मकान या प्लॉट होना संभव नहीं था क्योंकि यह योजना 2015 में शुरू हुई थी और घटना के बताये गये समय से पहले ही सरकारी योजना बन चुकी थी इसलिए अदालत ने लगाये गये आरोपों को आधारहीन मानते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया. इस केस की वादी रूबी पत्नी करामत अली थी, इस घटना से सम्बंधित आज़म खान के खिलाफ 12 लोगों ने मुकदमे दर्ज कराए थे.
सीतापुर जेल में बंद हैं आजम खान
आज़म खान 22 अक्टूबर 2023 से सीतापुर की जेल में बंद हैं और 7 साल की सजा काट रहे हैं, सपा के कद्दावर नेता आजम खान, उनकी पत्नी तंजीम फातिमा और बेटे अब्दुल्ला को रामपुर की MP-MLA कोर्ट ने फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामले में 7-7 साल की सजा सुनाई थी जिसके बाद से आज़म खान सीतापुर जेल में बंद हैं और उनकी पत्नी डॉ तंजीन फातिमा रामपुर जेल में बंद है जबकि बेटा अब्दुल्लाह आज़म हरदोई जेल में बंद है.