बिजली निगम ने शटडाउन लेने और देने की प्रक्रिया को बदलकर लोगों को 24 घंटे बिजली देने का लक्ष्य रखा है। अब लाइनमैन या जेई बिजली काटने और जोड़ने के नाम पर शटडाउन नहीं ले सकेंगे।
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो | बिजली निगम ने शटडाउन लेने और देने की प्रक्रिया को बदलकर लोगों को 24 घंटे बिजली देने का लक्ष्य रखा है। क्षेत्रीय जेई या लाइनमैन अब बिजली काटने और जोड़ने के नाम पर शटडाउन नहीं ले पाएंगे। शटडाउन को निगम ने क्षेत्र के एसडीओ से लेकर अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता को सौंपा गया है।
नियम में बदलाव करके शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की गई है, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधीक्षण अभियंता एलबी सिंह ने बताया। रोस्टर के अनुसार उपभोक्ताओं को बिजली मिलेगी। इसके लिए शटडाउन लेने और देने की प्रक्रिया बदली गई है। 11 केवी सामान्य पोषक में शटडाउन का दायित्व संबंधित उपखंड अधिकारी पर है। वहीं 11 KV औद्योगिक क्षेत्र और स्वतंत्र पोषक के लिए संबंधित क्षेत्र के अधिशाषी अभियंता ही शटडाउन ले सकेंगे। वहीं, 33 केवी स्वतंत्र पोषक के लिए शटडाउन केवल अधीक्षण अभियंता कर सकेंगे। शटडाउन के दौरान कई हादसे हुए हैं।
हाल ही में चौरीचौरा में एक बिजली पोल को शिफ्ट करते समय फोन पर अचानक शटडाउन आया और बिना पूछे ही लाइन शुरू हो गई। इस दुर्घटना में पांच विद्युत कर्मचारी घायल हो गए। तीन कर्मचारियों की हालत गंभीर हो गई थी। राप्ती नगर शहर में भी शटडाउन के दौरान बिजली की सप्लाई शुरू की गई थी।
यही नहीं, क्षेत्रीय लाइनमैन और जेई अक्सर पैसे कमाने के लिए शटडाउन करते हैं, जिससे क्षेत्रीय उपभोक्ताओं को बिजली के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। यही कारण है कि निगम ने आलाधिकारियों को शटडाउन की जिम्मेदारी दी है।