
shivling jalabhishek maha shivratri: हिंदू पंचांग के अनुसार साल का आखिरी महीना फाल्गुन (falgun mas 2025 upay)13 फरवरी से शुरू हो जाएगा और यह महीना 14 मार्च तक रहेगा। आमतौर पर यह महीना आनंद और उल्लास का महीना माना जाता है।
इस महीने से ग्रीष्म ऋतु यानी गर्मियों के मौसम की शुरुआत होने लगती है। मान्यता है कि बसंत ऋतु होने की वजह से इस महीने में लोगों के प्रेम संबंधों एवं व्यक्तिगत संबंधों में सुधार होने लगता है।
हिंदू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इसी महीने महाशिवरात्रि आती है, जिस दिन सृष्टि का आरंभ और शिव पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिए यह महीना भगवान को सावन जैसा प्रिय है।
मान्यता है कि इस महीने शिवजी के जलाभिषेक के साथ फाल्गुन के उपाय जरूर करना चाहिए। इससे शिवजी आसानी से प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं। इससे पहले आइये जानते हैं फाल्गुन में किसकी और कौन सी पूजा करनी चाहिए (jalabhishek)।
fagun mein kya kare: अजमेर की ज्योतिषाचार्य नीतिका शर्मा के अनुसार फाल्गुन मास की शुरुआत गुरुवार 13 फरवरी 2025 से होगी। यह महीना शुक्रवार 14 मार्च 2025 तक रहेगा।
यह महीना विशेष रूप से धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। फाल्गुन मास को समाप्त होने के बाद हिंदी नव वर्ष की शुरुआत होती है। फाल्गुन माह में मां लक्ष्मी, भगवान शिव, श्रीकृष्ण और चंद्रदेव की पूजा की जाती है। इसलिए यह महीना भक्ति, साधना और पुण्य कार्यों के लिए बहुत शुभ माना जाता है।
फरवरी में माघ और फाल्गुन
टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा के अनुसार फरवरी में हिंदी कैलेंडर के मुताबिक 12 फरवरी तक माघ मास रहेगा। इस तिथि तक आने वाले तीज-त्योहार माघ माह की परंपरानुसार होंगे, जबकि 13 तारीख से फाल्गुन महीना शुरू हो जाएगा।
इसके बाद के त्योहारों में तिल के बजाय मेवा और मिठाइयों का भोग लगेगा और मंदिरों में भगवान का श्रृंगार भी बदल जाएगा। इस महीने तीर्थ स्नान और अन्य परंपराओं में भी बदलाव होने लगेगा।
शिवलिंग पर जल चढ़ाएं (Shivling par jal chadhaen)
नीतिका शर्मा के अनुसार फाल्गुन में भगवान शिव का रूद्राभिषेक और श्रीकृष्ण का भजन-कीर्तन करना चाहिए, इससे सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। फाल्गुन मास में अन्न, वस्त्र, गुड़, चावल और तिल का दान करने से विशेष लाभ मिलता है। इसके साथ ही यह महीना साधना और संयम के लिए बहुत शुभ होता है। इसलिए सात्विक भोजन और ध्यान करना लाभकारी होता है।
रंगों का यह त्योहार प्रेम और भाईचारा बढ़ाने का संदेश देता है, इसलिए इसे हर्षोल्लास से मनाना चाहिए। फाल्गुन मास आध्यात्मिकता, धार्मिक अनुष्ठानों और उत्सवों से परिपूर्ण होता है। इस माह में भक्तिभाव से पूजा-पाठ और दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यह महीना नई ऊर्जा और सकारात्मकता से भरपूर होता है, जो जीवन में खुशहाली लाने का संदेश देता है।