साइबर फ्रॉड का नया तरीका, कॉल डिटेल से पुलिस बनकर आपके नजदीकियों की ले रहे जानकारी, ऐसे नंबरों को करें ब्लॉक और स्पैम
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो
लखनऊ/कानपुर। AI से अब आपके रिश्तेदारों की जानकारी आप से काॅल करके मांगी जा रही है। कभी केरल, यूपी, वाराणसी, बिहार, गुरूग्राम, हरियाणा, PUNJAB समेत अलग अलग शहर से पुलिस के नाम पर काॅल किया जा रहा है। इसमें आपके रिश्तेदारों के संबंध में पूछा जा रहा है और फिर उनको फोन करके साइबर क्राइम किया जा रहा है। इनको अपनी और अपने जानने वालों की जानकारी बिलकुल भी शेयर न करें। ऐसे लोगों को सर्तक रहें, फोन आने पर अपने नजदीकी थाने में इसकी शिकायत करें। 9416133550 नंबर से अलग अलग लोगों को काॅल किया जा रहा है। यह हरियाणा पुलिस का अपने को एसआई बता रहा है। Truecaller में भी पुलिस लिख कर आ रहा है। ऐसे नंबरों को स्पैम और ब्लाॅक करें। Cyber Fraud
साइबर फ्रॉड का नया तरीका आ गया है। इसमें पुलिस के नाम पर आपको लूटने की तैयारी की जा रही है। इसमें टेलीकॉम के कर्मचारियों की मीलीभीगत से आपका कॉल डिटेल निकाला जा रहा है। इसके बाद आपको फोन कर पुलिस की धमकी देते हुए आपके रिश्तेदार को जानकारी मांगी जा रही है। ज्यादा बात करने पर आपके एकाउंट से अपने आप धन निकल जा रहा है। साथ ही जानकारी पा कर वह दूसरे लोगों को ब्लैकमेल कर धन ऐंठ रहे हैं। इसमें एक तरफ से किसी थाने के एएसआई , एसएचओ के नाम पर आपको धमकाने का काम किया जा रहा है। जिससे डरकर आप उनके झांसे में आ जाएं। ऐसे किसी भी तरह के कॉल की शिकायत साइबर क्राइम 1930 और थाने में करें। साथ ही जिस शहर या प्रदेश से कॉल आ रहा है वहां के अफसरों से संपर्क कर उनको मोबाइल नंबर शेयर कर इसकी जानकारी दें।
टेलीकॉम डिपार्टमेंट से मिल रही आपकी कॉल डिटेल
यह साइबर क्राइम करने वाले पहले टारगेट के अनुसार टेलीकॉम डिपार्टमेंट के कर्मचारी से सांठगांठ कर कॉल डिटेल निकालते हैं। इसके बाद कॉल डिटेल के आधार पर अलग अलग लोगों को कॉल करते हैं। खुद को पुलिस वाला बता कर आपके रिश्तेदारों के संबंध में जानकारी मांगते हैं। कहते हैं कि आपके रिश्तेदार कोई क्राइम करके भागे हैं, इसक कारण फोन किया गया है। इसके बाद धन की डिमांड करते हैं, न देने पर एफआईआर के धमकी देते हैं। पूरा खेल टेलीकॉम डिपार्टमेंट कर्मचारी की मिलीभगत के साथ खेल किया जाता है।
पुलिस के कॉल डिटेल निकालने की प्रक्रिया क्या होती है?
किसी भी नंबर का कॉल डिटेल निकालने के लिए सबसे पहले किसी भी अपराधी का नंबर को FIR दर्ज करवाना होता है, इसके बाद ही कोई भी पुलिस एक्शन लेती है। जैसे ही FIR दर्ज होता है इसके बाद पुलिस उस FIR से नंबर की सर्विस प्रोवाइडर को मेल या संपर्क करती है। इसके बाद इस नंबर से रिलेटेड जानकारी को देखा जाता है और ID के आधार पर जानकारी दी जाती है।