
–दक्षिण कानपुर के जरौली फेस-1 में केडीए द्वारा विकसित योजनाओं के पार्क में बन गए मकान
–शिकायतों के बाद भी विभागों ने की अनदेखी
–स्थानीय लोगों ने बताया कि सैकडों शिकायत की गई लेकिन पार्क से नहीं हटा कब्जा
मुख्य संवाददाता, स्वराज इंडिया
कानपुर।
कानपुर महानगर में सरकारी जमीनों का इस कदर बंदरबांट हुआ है कि केडीए और नगर निगम के पार्क तक बेंच दिए गए हैं। तमाम शिकायतों और पत्राचार के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई क्यों कि जिम्मेदार मिले हुए थे। ताजा मामला दक्षिण कानपुर के जरौली फेस-1 इलाके का बताया जा रहा है। जिसमें पार्क की जमीन पर मकान बना डाले गए हैं।
केडीए द्वारा 3 दशक पहले जरौली क्षेत्र को विकसित करके नागरिकों को आवासीय भूखंड विक्रय किए थे। इनपुट के अनुसार जरौली फेस-1 में एलआईजी 11 से 18 और 41 से 50 के बीच लेआउट में पार्क छोडा गया था। योजना को नगर निगम के हैंडओवर कर दिया गया लेकिन इसी बीच इलाके का दबंग मुन्ना सिंह सेंगर नाम के व्यक्ति ने कूट रचित दस्तावेजों के दम पर पार्क पर मकान का निर्माण करके कब्जा कर लिया। शुरूआती दौर में स्थानीय लोगों ने नगर निगम और केडीए में शिकायत की। इसपर केडीए और नगर निगम बीच कई बार पत्राचार हुआ। इस दौरान नगर निगम ने केडीए से जमीन की पैमाइश मांगी लेकिन हुआ कुछ नहंी। आज भी पार्क में मकान बने खडे हुए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि सरकारी विभागों की अनदेखी के कारण पार्क से कब्जे नहीं हट पा रहे हैं। योगी सरकार को सख्त एक्शन लेना चाहिए।



एससी महिला को आगे कर शिकायतकर्ताओं पर लिखवाई एफआईआर
पार्क की जमीन पर कब्जे की जिन लोगों ने आवाज उठाई। उनपर झूठे मुकदमे दर्ज कराकर डरा दिया गया। बताया गया कि आरोपी मुन्ना सिंह की सह पर एक एससी वर्ग की महिला ने इलाके में कई झूठे मुकदमे दर्ज करा दिए। इसके बाद लोग शिकायत करने से डरने लगे। इसका फायदा मुन्ना सिंह उठा रहा है। कुछ दिन पहले
हिन्दुत्व समन्वय समिति के अध्यक्ष नरेंद्र मिश्रा ने आईजीआरएस-भूमाफिया पोर्टल पर शिकायत की थी लेकिन तथ्यहीन निस्तारण कर दिया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि हम लोग शिकायत करके थक चुके हैं लेकिन जिम्मेदार लोग एक्शन नहीं लेना चाहते हैं।
नगर निगम ने लगाया था पार्क होने का बोर्ड
स्थानीय लोगों ने एक डिस्पले बोर्ड की छायाप्रति भेजी है। जिसमें लिखा है आवश्यक सूचना, यह आराजी संख्या -291 जरौली फेस-1 नगर निगम का पार्क है। इसमें किसी प्रकार का अतिक्रमण और कब्जा, निर्माण करना दंडनीय अपराध होगा। बोर्ड में पार्क की परिधि का भी उल्लेख किया गया है। आरोपी मुन्ना सिंह ने यह बोर्ड उखाडकर फेंक दिया। वहीं, इस मामले में मुन्ना सिंह से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन बात नहीं हो सकी।