महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कांग्रेस को जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) का समर्थन करने के फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए।
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो | पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रविवार को कहा कि कांग्रेस को जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) का समर्थन करने के फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए। प्रदेश में नेकां और कांग्रेस एक साथ चुनाव लड़ने की घोषणा की है। महबूबा भी इंडिया गठबंधन का हिस्सा रहीं, लेकिन सीट बंटवारे को लेकर वह अलग-थलग पड़ गई।
महबूबा ने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस के नेता चौधरी मोहम्मद अकरम ने कांग्रेस की तुलना भाजपा से की है। ऐसे में देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं को जम्मू की सबसे पुरानी क्षेत्रीय पार्टी को समर्थन देने के बारे में सोचना चाहिए।
मुफ्ती ने अनंतनाग जिले के लारनू इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान संवाददाताओं से कहा, ‘नेशनल कांफ्रेंस में शामिल होते समय चौधरी अकरम ने कांग्रेस की तुलना भाजपा से करने से बुरा कुछ नहीं कहा होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा में कोई अंतर नहीं है।’ पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अकरम ने कांग्रेस का इस तरह वर्णन किया।
महबूबा ने कहा, उनके पिता (चौधरी मोहम्मद असलम) कांग्रेस में थे। मुझे समझ नहीं आता कि कांग्रेस कार्यकर्ता नेकां का समर्थन कैसे करेंगे। उन्होंने 80 के दशक की उस अवधि का जिक्र करते हुए कहा, जब दोनों पार्टियां आमने-सामने थीं। उन्होंने कहा, ‘यह कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सोचने का काम है। उन्हें (इस चुनाव में) नेकां का समर्थन करना है लेकिन वे (अकरम) उन्हें भाजपा की बी टीम कह रहे हैं।’
अकरम, जो 2014 के चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए चुने गए थे, इस महीने की शुरुआत में नेशनल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए।
मुफ्ती ने अपना दावा दोहराया कि उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव के लिए सर्वसम्मत उम्मीदवार चाहती थी लेकिन नेशनल कॉन्फ्रेंस नेतृत्व ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया।
उन्होंने कहा, ‘हम इस चुनाव में (पीएजीडी के) अन्य दलों के साथ जाना चाहते थे क्योंकि हम कठिन समय का सामना कर रहे हैं। दुर्भाग्य से, नेकां ऐसा नहीं चाहती थी। नेकां कार्यकर्ता एक साथ काम करना चाहते थे लेकिन उनका नेतृत्व ऐसा नहीं चाहता था।’