सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता जितेन्द्र प्रताप सिंह चौहान ने वकालत पेशे में प्रवेश कर रहे नव पंजीकृत अधिवक्ताओ से कही
स्वराज इंडिया
कानपुर देहात।
वकालत का मतलब उन मुद्दों के लिए खड़े होना और अपनी आवाज उठाना है जो मायने रखते हैं, क्योंकि जब दुनिया खामोश हो तो एक आवाज भी ताकतवर हो जाती है। यह बात सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता जितेन्द्र प्रताप सिंह चौहान ने
वकालत पेशे में प्रवेश कर रहे नव पंजीकृत अधिवक्ता नरेन्द्र सिंह पुत्र राजबहादुर निवासी भुपइयापुर अमराहट का बैण्ड बांध कर उनके उज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कही।जितेन्द्र चौहान ने कहाकि,वकालत पेशे की मूलभूत शर्त अच्छी नैतिकता है। कहाकि अच्छा वकील होने के लिए उसका प्रसिद्ध होना ज़रूरी नहीं है, उसके छोटे छोटे प्रयास समाज में बड़े क्रांतिकारी प्रभावशाली परिवर्तन ला सकते हैं। कहाकि वकील को सक्रिय होना चाहिए, और अपने अनुभव और क्षमताओं को प्रचारित करना चाहिए ताकि दूसरों को पता चले कि आप क्या सक्षम रूप से कर सकते हैं। कहाकि वकालत एक ऐसा पेशा है, जो समाजसेवा से जुड़ा हुआ है, अतः एक वकील को कानून की प्रक्रियाओं का उपयोग केवल वैध उद्देश्यों के लिए करना चाहिए, न कि दूसरों को परेशान करने या डराने के लिए।अनैतिक गतिविधि न केवल एक वकील की प्रतिष्ठा को ख़राब करती है ,यह कदाचार के दावों को भी जन्म दे सकती है।जितेन्द्र चौहान ने सीख देते हुए कहाकि अधिवक्ता को न्यायालय में निर्धारित पोशाक और आकर्षक तरीके से उपस्थित होना चाहिए।अधिवक्ता धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहाकि विधि व्यवसायी का कर्तव्य सामान्य परिस्थितियों तक सीमित नही होता। उसे, समाज के गरीब तथा शोषित वर्ग के अधिकारों के प्रवर्तन के लिए, न्यायालय में उनका पहुंच बढ़ाने के लिए, निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान करने का दायित्व भी होता है।इस अवसर पर प्रमुख रूप से उमेश सिंह राजावत योगेन्द्र प्रताप सिंह चौहान सत्य मनुराज सिंह प्रदीप कमल रहे।