-शिक्षकों के समझाने पर एससीएसटी एक्ट में झूठे फंसाते हुए करायी रिपोर्ट।
कुलपति ने मामले की गंभीरता पर नार्को एवं लाइडिटेक्टर टेस्ट के लिए आयुक्त से किया अनुरोध
-शिक्षकों के पत्र पर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर,
-पूरे मामले की जांच के लिए कमिटी का गठन
दो छात्रों, अभिजीत राय एवं शिवम सिंह का निलंबन
-आरोपों की जांच के लिए कमिटी गठित, नार्को एवं लाइडिटेक्टर के जरिए होगी जांच,
-सोशल मीडिया पर वायरल पत्र की जांच के लिए भी डीएसडब्लू की अध्यक्षता में कमिटी गठित
-जांच पूरी होने तक कैंपस में प्रवेश निषेध
-कई स्टूडेंट्स ने बताया कि बाहरी छात्र बनाते हैं उन पर दबाव
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में शनिवार को बीबीए की एक छात्रा ने दो छात्रों के साथ मिलकर बिजनेस मैनेजमेंट के शिक्षकों प्रो अंशु यादव एवं प्रो सुधांशु पांड्या के साथ कमरे में घुसकर गाली गलौच, धक्का मुक्की एवं धमकी देते हुए जमकर अभद्रता की। शिक्षकों द्वारा समझाने के प्रयास पर छात्रा ने उन्हें झूठे एससीएसटी केस में फंसाने की धमकी दी।
विश्वविद्याय के डीन प्रशासन प्रो सुधांशु पांड्या ने कुलपति को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराया। प्रो पांड्या ने बताया कि शनिवार दोपहर को जब वह प्रो अंशु यादव के कक्ष में उनसे मिलने गए तो वहां बीबीए की छात्रा दो छात्रों के साथ प्रो अंशु यादव से झगड़ा कर रही थी। मेरे द्वारा समझाने का प्रयास किया गया। जिस पर छात्रा अपने साथ आए छात्रों के साथ मिलकर गाली-गलौच करने लगी। प्रो अंशु ने जब कुछ बोलने का प्रयास किया तो उनका हाथ मरोड़ते हुए एससीएसटी एक्ट में अंदर कराने की धमकी दी गयी। छात्रा के साथ आए दोनो छात्रों ने जमकर धक्कामुक्की की और अभद्रता भी की।
प्रो पांड़या ने इस प्रकरण से कुलपति प्रो पाठक को अवगत कराते हुए कार्यवाही के लिए पत्र लिखा। जिस पर प्रो पाठक ने कड़ा रुख अपनाते हुए सम्बन्धित मामले की जांच के लिए डीएसडब्लू की अध्यक्षता में एक चार सदस्य कमिटी गठित की एवं तत्काल एफआईआर दर्ज करा दी गयी।
वायरल आरोपों के लिए नार्को एवं लाइडिटेक्टर की प्रकिया होगी
वहीं बीबीए की छात्रा द्वारा शिक्षकों पर आरोप लगाने का एक वीडियो एवं पत्र सोशल मीडिया पर वायरल है। इसके सम्बनध में कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक ने एक कमिटी गठित कर मामले की जांच के स्पष्ट निर्देश दिए। साथ ही पुलिस आयुक्त से इस सम्बनध में नार्को एवं लाइडिटेक्टर टेस्ट की प्रकिया के लिए निवेदन भी किया। विश्वविद्यालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच के लिए कमिटी का गठन तो किया ही साथ ही नार्को एवं लाइडिटेक्टर टेस्ट की प्रकिया का रुख किया।
अनुशासनहीनता पर दो का निलंबन
अनुशासनहीनता, नियमों के उल्लघंन और धमकी देने के आरोपी छात्र-छात्राओं की एंट्री कैंपस में बैन कर दी गयी है। कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक के साथ आला अधिकारियों की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक के बाद अभिजीत राय बीटेक, शिवम को जांच में प्रथम दृष्टया पूरे मामले में दोषी दिखाए देने पर कैंपस में एंट्री बैन करते हुए निलंबन कर दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इसकी सूचना पुलिस को दे दी गयी है।
स्टूडेंट्स की माफी और पैरेंटस के अनुरोध पर सहानुभूतिपूर्वक विचार
विश्वविद्यालय में अनुशासनहीनता और नियमों के उल्लघंन के मामले में शनिवार को स्टूडेंट्स ने माफी मांगी। पैरेंट्स के अनुरोध पर मामले की जांच समिति के सदस्यों ने सहानूभतिपूर्वक विचार भी किया।
जांच समिति कर रही है गहनता से पड़ताल
मामले की जांच के लिए विश्वविद्यालय द्वारा गठित जांच समिति हर पहलू पर गंभीरता से पड़ताल कर रही है। कुलपति प्रो पाठक ने स्पष्ट निर्देशित किया है जो भी दोषी छात्र अनुशासनहीनता में शामिल होंगे उनके खिलाफ विवि कार्यवाही करेगा।
बाहरी छात्र भड़का रहे हैं
शनिवार को कई स्टूडेंट्स ने बताया कि कैंपस के बाहरी छात्र अपने दोस्तों के साथ आकर उन्हें विरोध प्रदर्शन में शामिल करने का हर दिन दबाव डाल रहे हैं। जबकि उनका किसी मामले में कोई लेना देना नहीं है। छात्रों ने बताया कि बाहरी छात्रों अपने हितों के मामले में इसे मुद्दा बना रहे हैं। उन्हीं के प्रभाव में वह भी इसमें शामिल हो गए थे। पैरेंट्स के अनुरोध पर जांच समिति ने सहानुभूतिपूर्वक सभी को बातों को सुना भी। जांच समिति सम्बन्धित घटना के वीडियो के माध्यम से ऐसे छात्रों की जानकारी जुटा भी रही है।