
–जानकारी होने के बाद भी अनदेखी कर रहे कानपुर विकास प्राधिकरण के अफसर
–केडीए वीसी मदन सिंह गर्बयाल के निर्देशों का नहीं हो रहा अमल
-बिल्डर और प्रवर्तन के गठजोड से लगाई जा रही चपत
मुख्य संवाददाता, स्वराज इंडिया
कानपुर।
कानपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष मदन सिंह गब्र्यालय के कई निर्देशों के बाद भी प्रवर्तन में खेल नहीं रूक पा रहे हैं। हालात यह हैं कि बिल्डर और प्रवर्तन कर्मियों के गठजोड से पार्किंग और अन्य मानकों की अनदेखी करके केडीए के राजस्व को चूना लगाया जा रहा है। प्रवर्तन में तैनात अधिकारी अनाधिकृत निर्माणों के मामले में आंख मूंदे हुए हैं और कार्रवाई के नाम पर रस्म अदायगी भर की जा रही है।
महानगर में पार्किंग की समस्या जगजाहिर है। हालात यह हैं कि आवासीय क्षेत्रों में बिना पार्किंग और सुविधाओं के खुल रहे बडे बडे प्रतिष्ठान नागरिकों के मुश्किल बनते जा रहे हैं। ऐसे निर्माण रोकने के लिए गठित प्रवर्तन दस्ता खानापूर्ति भर कर पा रहा है। केडीए के अंतर्गत जोन-2 में कई ऐसे निर्माण हैं जिनमें खुलेआम नियम कायदे ताक पर रख दिए गए हैं और प्रवर्तन कर्मी असहाय से दिख रहे हैं। उच्चाधिकारी भी आंखें फेर लेते हैं या फिर कोई न कोई बहाना ढूंढ लेते हैं। ताजा मामला फजलगंज चैराहा स्थित प्रेसीडेंट होटल का है। यह होटल नियम कायदे ताक पर रख कर पहले बना दिया गया। उसमें नीचे तल मार्केट बनाकर बेंच दी गई है। अब उसको रेनोवेशन के नाम पर उपर अवैध निर्माण किया जा रहा है। केडीए प्रवर्तन दस्ता कार्रवाई करने से हिचकता रहा। इसी तरह से जेके मंदिर के सामने पांडुनगर में काॅर्नर के प्लाट का निर्माण करके ज्ञान वेजेटेरियन नाम से रेस्टोरेंट बनाया गया। इसके आधे पार्ट में कपाई नाम से रेस्टोरेंट खोल दिया गया। पूरी पार्किंग हजम कर ली गई। गाडियां मुख्य सडक पर खडी की जा रही है। जिससे जाम के हालत हैं।

फजलगंज से लेकर मरियमपुर तक आगे दनादन निर्माण
जेन-2 के हालात यह हैं कि हर तरफ आवासीय नक्शे में बडे बडे आॅलीशान शोरूम, अस्पताल और मार्केट खडी की जा रही है। मरियमपुर चैराहे से लेकर जेके मंदिर तक रोड पर आधा दर्जन से अधिक अनाधिकृत निर्माण खडे कर दिए गए लेकिन केडीए दस्ते ने लाखों रूप्ए की वसूली की। इसमें उच्चाधिकारी भी हां में हां मिलाते रहे। पहले यह क्षेत्र ओएसडीए सत शुक्ला के पास था अब डा. रविप्रताप सिंह को दिया गया है। उन्होंने बताया कि वह जोन 2 में अभी आए हैं, ये सब मामले दिखा रहे हैं।
