झकरकटी बस अड्डे में फैली अव्यवस्थाओं से यात्रियों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां टिन शेड के नीचे कुर्सियां पीछे पड़ी हैं, जिसके चलते पंखे की हवा नहीं लगती है। वॉटर कूलर से गर्म पानी आती है।
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो | लगातार चिलचिलाती गर्मी बढ़ रही है, लेकिप झकरकटी बस अड्डे में मूलभूत सुविधाएं तक यात्रियों को मुहैया नहीं हो पा रही हैं। वाटर कूलर से गर्म पानी आ रहा है। बस अड्डे पर टिन शेड में कुर्सियां पड़ी हैं, पंखे लगे हैं पर हवा यात्रियों को लग नहीं पाती है, क्योंकि कुर्सियां पंखों से काफी पीछे हैं। यही नहीं अधिकतर बसें बस अड्डे के बाहर ही यात्रियों को लेकर निकल जाती हैं।
ऐसे में धूप में यात्रियों को काफी देर रहना पड़ता है। झकरकटी बस अड्डे पर हर दिन विभिन्न जिलों के अलावा दूसरे प्रदेशों के लोगों का भी आना-जाना होता है। यात्रियों को यहां बस पकड़ने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि अधिकतर बसें बाहर से ही मिलती हैं। लोग धूप में खड़े होकर बसों का इंतजार करते हैं।
हालांकि कुछ बसें अंदर से भी मिलती हैं। इन बसों को भी मेन रोड तक पहुंचने में आधे से पौन घंटे का समय लगता है। क्योंकि पहले सवारियां लेने के लिए बसें खड़ी रहती हैं, उसके बाद पीछे वाले गेट से बसें निकलती हैं। उबड़-खाबड़ सड़क की वजह से मेन रोड तक पहुंचने में इतना समय लग जाता है।
वॉटर कूलर से आता है गर्म पानी
इसके अलावा बस अड्डे पर पीछे वाले गेट के पास भी यात्रियों के बैठने के लिए टिन शेड लगाए गए हैं पर वहां लगे अधिकतर पंखे चलते तक नहीं हैं। पेयजल के लिए बस अड्डे पर दो वॉटर एटीएम लगे हैं। इनमें से एक खराब है। इसके अलावा दो वॉटर कूलर भी लगे हैं, लेकिन ये ठंडा नहीं, गर्म पानी देते हैं। इस कारण इनका लाभ यात्रियों को नहीं मिल पाता है।
दिन में कई बार लगता है जाम
झकरकटी बस अड्डे के आसपास यातायात पुलिसकर्मी तो तैनात रहते हैं, लेकिन वे व्यवस्था दुरुस्त नहीं रख पाते। दिन में कई बार यहां जाम लगता है। लाख कोशिशों के बाद भी चालक बसें बाहर खड़ी कर सवारियां भरते हैं। ऊपर से टेंपो व ऑटो चालक आड़े-तिरछे वाहन खड़े कर सवारियां भरते नजर आते हैं।