स्वराज इंडिया न्यूज की कानपुर से खास ख़बर में कानपुर के श्याम नगर में आलीशान कोठी, लग्जरी गाड़ियों का काफिला और करोड़ों की प्रॉपर्टी का मालिक ये सब कानपुर में रहने वाले एक कांस्टेबल श्याम सुशील मिश्रा के पास है। शिकायत पर जांच हुई तो आरोप सही पाए गए। कांस्टेबल के खिलाफ एंटी करप्शन विंग ने चकेरी थाने में आय से अधिक संपत्ति को लेकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। कांस्टेबल के पास आय से कई गुना ज्यादा की संपत्ति मिली है।
कांस्टेबल ने भू-माफियाओं से मिलकर खड़ी की करोड़ों की संपत्ति
कानपुर के श्याम नगर में रहने वाला बर्खास्त कांस्टेबल श्याम सुशील मिश्रा की शोहरत जानकर आप भी दंग रह जाएंगे। आईएएस और आईपीएस अफसरों के पास भी इतना आलीशान बंगला और लग्जरी गाड़ियों का काफिला नहीं होगा जितना श्याम सुशील मिश्रा के पास है। श्याम नगर डी-ब्लॉक में बनी कांस्टेबल श्याम सुशील मिश्रा की कोठी में स्वीमिंग पूल से लेकर हर सुविधा मौजूद है। अगर लग्जरी कारों की बात करें तो ऑडी, बीएमडब्ल्यू और फॉर्च्यूनर कार से लेकर कई महंगी गाड़ियां उसके पास हैं। खास बात है कि उसकी हर गाड़ी के आखिरी चार अंक 0078 है। कोई भी गाड़ी का नया मॉडल आता है तो सबसे पहले कांस्टेबल के काफिले में वह गाड़ी शामिल होती है।
अब आपको बताते हैं आखिर जांच में क्या आया सामने
भ्रष्ट्राचार निवारण संगठन के कानपुर ईकाई में तैनात इंस्पेक्टर चतुर सिंह ने चकेरी थाने में कांस्टेबल श्याम सुशील मिश्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि श्याम नगर डी-ब्लॉक में रहने वाला कांस्टेबल श्याम सुशील मिश्रा मिर्जापुर थाना कछवा के भैंसा गांव का मूल निवासी है। कांस्टेबल के खिलाफ 2019 में रमाकांत पांडेय नाम के व्यक्ति ने आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने की शिकायत लखनऊ में की गई थी।
एंटी करप्शन कानपुर की इकाई ने इसकी जांच की तो सामने आया कि कांस्टेबल श्याम सुशील मिश्रा ने ज्ञात और वैद्य स्त्रोत से 5 करोड़ 10 लाख रुपए कमाया है, लेकिन जांच के दौरान कांस्टेबल के पास 8 करोड़ 21 लाख रुपए का व्यय सामने आया। यानी कि 3 करोड़ 11 लाख रुपए की आय से अधिक की संपत्ति कांस्टेबल के पास सामने आई है। जो उनकी आय से 60 प्रतिशत से आधिक थी। कांस्टेबल ने कानपुर और उन्नाव के भू-माफियाओं से साठगांठ करके रातों-रात करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर दी। इसी को आधार बनाते हुए आधार पर आरोपित सिपाही श्याम सुशील मिश्रा के खिलाफ भ्रष्ट्राचार का मुकदमा चकेरी थाने में दर्ज किया गया।

सिर्फ बंगले की कीमत 5 करोड़ से ज्यादा
एंटी करप्शन के अफसरों ने भले ही दागी कांस्टेबल के बंगले की कीमत महज 1.5 करोड़ रुपए आंकी है, लेकिन ग्राउंड पड़ताल की गई तो सामने आया कि श्याम नगर डी-ब्लॉक के जिस मोहल्ले में कांस्टेबल का मकान है, सिर्फ उसके जमीन की कीमत दो-ढाई करोड़ से ज्यादा है। बंगले की कीमत पांच करोड़ रुपए है। लेकिन कांस्टेबल ने अपनी साठगांठ करके बंगले की कीमत महज 1.5 करोड़ रुपए आंकी गई है। इसी तरह अन्य संपत्तियों का भी विवरण है। कई करोड़ की तो उसके पास बेनामी संपत्तियां हैं, जिसका कोई लेखा-जोखा अफसरों के पास नहीं है।
पिंटू सेंगर मर्डर में जेल गया था बर्खास्त कांस्टेबल
कानपुर चकेरी में रहने वाले बसपा नेता पिंटू सेंगर की 20 जून 2020 की दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जमीन के विवाद में भू-माफिया पप्पू स्मार्ट, सउद अख्तर समेत अन्य के साथ मिलकर पिंटू सेंगर की हत्या करा दी थी। जघन्य हत्याकांड के बाद कांस्टेबल श्याम सुशील मिश्रा का एक ऑडियो सामने आया था। जिसमें श्याम सुशील मिश्रा बोल रहा था कि पिंटू सेंगर का मर्डर होने वाला है। इससे जितनी भी रकम बकाया हो ले लेना। इसके बाद जांच शुरू हुई तब सामने आया कि कांस्टेबल की भी पूरे मर्डर केस में संलिप्तता थी। इसके बाद उसे अरेस्ट करके जेल भेज दिया गया था। उस समय वह उन्नाव में तैनात था। इसके बाद उसे बर्खास्त भी कर दिया गया है।
भू-माफियाओं के साथ पार्टनरशिप कर बना करोड़पति
श्याम नगर में रहने वाला यूपी पुलिस का कांस्टेबल श्याम सुशील मिश्रा भू-माफिया पप्पू स्मार्ट, सउद अख्तर समेत अन्य के साथ साठगांठ करके प्रॉपर्टी का काम शुरू किया था। प्रॉपर्टी का काम उसे इस कदर रास आया कि नौकरी को ताक पर रखकर प्रॉपर्टी के धंधे में कूद गया। कानपुर से लेकर उन्नाव और लखनऊ में कई सोसायटी बनाकर बसाई और बड़े-बड़े बिल्डरों का पार्टनर बन गया। अब उसकी आम शोहरत किसी बिल्डर से कम नहीं है। भले ही कहने को वह कांस्टेबल है। कांस्टेबल की तनख्वाह से कई गुना ज्यादा तो वो सिर्फ अपने नौकरों को सैलरी देता है।
इस तरह पिंटू सेंगर मर्डर केस में नाम आया सामने
कांस्टेबल के पार्टनर भू-माफिया पप्पू स्मार्ट और सउद अख्तर गैंग का बसपा नेता पिंटू सेंगर से विवाद हो गया था। इन दोनाें की कई प्रॉपर्टियों में कांस्टेबल भी पार्टनर था। प्रॉपर्टी के झगड़े के चलते ही पिंटू सेंगर की दिन दहाड़े नृशंस हत्या कर दी गई थी। इसके बाद उन्नाव में तैनात श्याम सुशील मिश्रा को अरेस्ट करके जेल भेज दिया गया था। हत्याकांड से पहले ही कांस्टेबल का एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह लोगों से कह रहा था कि पिंटू का मर्डर होने वाला है। उससे जो भी रकम लेनी हो जल्दी वसूल ले। इस मर्डर केस में जेल जाने के बाद ही कांस्टबल की बर्खास्तगी कर दी गई थी। अब वह जेल से जमानत पर बाहर है।