निराला नगर हनुमान मंदिर को मेयर प्रमिला पाण्डेय ने कराया सीज नगर निगम के अधिकारियों को मंदिर पर बुलडोजर चलवाने के दिए आदेश दसको साल पुराने हनुमान मंदिर को मेयर प्रमिला पाण्डेय ने तोड़कर हटाने के दिए आदेश मंदिर तोड़ने नगर निगम का दस्ता बुलडोजर लेकर पहुंचा मंदिर तोड़ने पहुंची टीम के खिलाफ भक्तों ने किया हंगामा मंदिर गिराने का टीम से मांगा आदेश मेयर प्रमिला पाण्डेय ने अधिकारियों को शाम तक मंदिर तोड़कर हटाने का दिया है अल्टीमेटम मंदिर तोड़ने पहुंचे अधिकारी से मंदिर गिराने का आदेश मानने पर भागते नजर आए जोनल अधिकारी विनय प्रताप।
विशेष संवाददाता, स्वराज इंडिया
कानपुर। अक्सर सुर्खिया में रहने वाली कानपुर की दबंग मेयर प्रमिला पांडेय एक बार फिर से विवाद में घिर गई. दरअसल, उनका एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें वह एक हनुमान मंदिर को पूरी तरह से गिराने का निर्देश देती नजर आ रही हैं. उनके इस निर्देश के बाद नगर निगम के कर्मी बुलडोजर लेकर मंदिर गिराने पहुंच भी गए. तब स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया और कर्मियों को पीछे हटना पड़ा.
मेयर बनने पर कानपुर में बुलडोजर पर अपनी शोभायात्रा निकालने वाली कानपुर की बीजेपी मेयर प्रमिला पांडेय एक बार फिर चर्चा में हैं। दरअसल, विवाद में आने का कारण उनका एक वीडियो है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसमें दिखाई दे रहा है कि मेयर बुलडोजर लेकर एक हनुमान मंदिर को गिराने के लिए निराला नगर पार्क पहुंची थी. जहां उन्होंने अधिकारियों से कहा इसको पूरा गिरा दो.
कानपुर की मेयर प्रमिला पांडेय अपनी बुलडोजर वाली टीम के साथ कानपुर साउथ के दौरे पर निकली थी. इसी दौरान उन्होंने निराला नगर ग्राउंड के पास बने एक हनुमान मंदिर को देखा. वहां पर मंदिर के भक्त भी थे. इस दौरान मेयर का लोगों ने स्वागत किया, लेकिन मेयर का निशान हनुमान मंदिर बन गया. उन्होंने मंदिर को देखा और कहा, यह इतना बड़ा क्यों बना दिया है. गिराओ उसको पूरा. हालांकि मेयर का कहना है कि मंदिर गिराने की बात नहीं कही है, मंदिर की आड़ में किया जा रहा पक्का कब्जा जरुर हटवाया जायेगा।
मेयर के निर्देश से लोगों में नाराजगी
मेयर का यह फरमान सुनते ही मंदिर के भक्त और स्थानीय लोग नाराज हो गए. यह हनुमान जी का मंदिर है. मंदिर सिर्फ एक ही मंजिल बना हुआ है. ऐसे में मेयर के खिलाफ स्थानीय लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहली बार चुनाव से पहले जब अम्मा जी आई थी, तो कहने लगी इस हनुमान मंदिर को बनवाओ. जब हम लोगों ने मंदिर की छत बनवा दी तो आज आकर कह रही है, इसको गिरवाओ.