
कानपुर: लखनऊ पीजीआई से लेकर निजी अस्पताल और डफरिन अस्पताल के डॉक्टर जो नहीं कर सके, वो जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति विभाग की डॉक्टरों ने कर दिया। जीएसवीएम की डॉक्टरों ने दो बड़े ट्यमूर निकालकर न सिर्फ महिला की जान बचाई, बल्कि उसकी बच्चेदानी भी सुरक्षित की।
जाजमऊ जेके कॉलोनी निवासी 26 वर्षीय महिला छह माह की गर्भवती थी, उसके पेट में बच्चेदानी के मुहाने और उसके पास के लिगामेंट के बीच में दो ट्यूमर हो गए थे। इस कारण महिला को रक्तस्त्राव हो रहा था। हैलट के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में विभागाध्यक्ष डॉ.नीना गुप्ता व डॉ.पाविका लाल ने जांचें कराईं और टीम के साथ 21 जून को ऑपरेशन किया। डॉ.नीना गुप्ता ने बताया कि अत्यधिक रक्तसाव, बच्चेदानी निकालने की जरूरत और मरीज की स्थिति गंभीर होने की आशंका थी। इसके चलते मरीज को डफरिन अस्पताल से रेफर किया गया था। डॉ.पाविका व एनेस्थीसिया के डॉ.कृष्णा व टीम के साथ ऑपरेशन कर ट्यमूर को निकालकर महिला की जान बचाई और बच्चेदानी भी सुरक्षित की।