कानपुर देहात में एक परिवार ने बेटी पैदा होने पर बैंड बाजे के साथ मनाया जश्न
बैंड-बाजे के साथ अस्पताल से घर ले गए परिजन, कहा- बेटियां बड़े सौभाग्य से होती हैं
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो
कानपुर देहात। आज के समय में कई लोग बेटा-बेटी में भेदभाव करते हैं। हालांकि बदलते वक्त के साथ लोगों की मानसिकता भी बदल रही है। ऐसा ही एक मामला विकास खंड मलासा के बरौर गांव का सामने आया है। यहां एक परिवार ने बेटी के जन्म पर ऐसा जश्न मनाया कि लोग देखते रह गए। बेटी के स्वागत के लिए अस्पताल और घर को दुल्हन की तरह सजाया गया। साथ ही गाजे-बाजे से बेटी का स्वागत किया गया।
बरौर गांव की रहने वाली शिवानी ने एक निजी अस्पताल में बेटी को जन्म दिया। बेटी की जन्म की खुशी से परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जिसके चलते अस्पताल व घर को फूलों से सजाया गया। इस साथ ही अस्पताल से घर ले जाने के लिए फूलों से सजी कई गाड़ियां शामिल हुई और गाड़ियों में बैनर भी टांगे गए। जिसमें मां बेटी की तस्वीर छपी थी। इस दौरान को बेटी जन्म देन वाली मां और बेटी के पिता का कहना था कि बेटे तो भाग्य से होते हैं, लेकिन बेटियां बड़े सौभाग्य से होती हैं।
फूल बरसाकर किया गया स्वागत
क्षेत्रीय लोगों ने परिवार के इस कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि फूल बरसाकर बच्ची का भव्य स्वागत किया गया है। इस जश्न की पूरे जिले में चर्चा भी है। परिवार ने ऐसा करके समाज को बेटा-बेटी के एक समान होने का संदेश दिया है। आज बेटियां भी बेटों से कम नहीं है। परिवार का ये उत्साही काम पूरे समाज को ये संदेश दे रहा है कि बेटी है तो कल है कन्या भ्रूण हत्या पाप है। बेटी दो घरों को जोड़ती है वो सबका सुख और मान है।