
करोडों रूपए खर्च, घरों तक नहीं पहुंचा पानी
सीडीओ मैडम गांव वालो का कब मिलेंगा शुद्ध पानी ?
समय सीमा गुजरने के बाद भी कई गांवों में काम अधूरा पड़ा
हर घर शुद्ध जल पहुंचाने की मुहिम पड़ी ठंडी
स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो
कानपुर देहात।
सरकार ने 3 वर्ष पूर्व हर घर को शुद्ध जल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन योजना का संचालन कर गांव-गांव पानी की टंकियों के निर्माण के साथ पाइपलाइन डालने का काम शुरू किया था । इसके सफल क्रियांवन के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में करोड़ों रुपए खर्च कर पानी टंकी के निर्माण कराए जा रहे हैं लेकिन कार्यदाई संस्था की लापरवाही के चलते समय सीमा गुजरने के बावजूद पानी टकियों के निर्माण कार्य पूरे नहीं हो पा रहे हैं । इससे गांव में अधूरी खड़ी पानी की टंकी, लीकेज पाइप योजना को पलीता लगा रही हैं ।इससे शासन की योजना विफल होने के साथ गांव में पाइपलाइन बिछाने के दौरान तोड़ी गई सड़क बरसात के मौसम में ग्रामीणों के लिए मुसीबत साबित हो रही हैं लेकिन जिले अफसरों को इसका कोई असर नहीं है।
शासन ने हर घर में शुद्ध जल पहुंचाने के लिए नमामि गंगे एवं जल जीवन मिशन योजना के तहत मलासा विकासखंड की ग्राम पंचायत जरसेन गांव में 2 करोड़ 86लाख 94हजार रुपए की लागत से मलासा विकास खंड के जरसेंन में पानी टंकी निर्माण के साथ गांव में पाइपलाइन डालकर हर घर जल संयोजन के निर्देश दिए थे।

कार्यदाई संस्था ने 20 मार्च 2023 को काम की शुरुआत की थी और मार्च 2024 तक कार्य को पूर्ण करने की तिथि निर्धारित की गई थी। योजना के मुताबिक गांव के लोगो को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए घरों में जल संयोजन देना था। लेकिन निर्धारित समय सीमा से 3 माह से अधिक समय गुजारने के बावजूद अभी तक परियोजना का काम अधूरा पड़ा है। गांव में अधूरी पड़ी परियोजना से सैकड़ो परिवारों को का जल संयोजन नहीं मिला है। साथ ही कई गावों में डाली गई पाइपलाइन मलासा ओर कई गावों में कई जगह जगह लीकेज होने से गांव में पानी बर्बाद हो रहा है पानी सड़कों पर बह रहा है। इससे योजना के सफल क्रियान्वयन एवं संचालन की पोल खुल रही है। वहीं जल निगम के अधिकारियों के मनमाने रवैया का भी खुलासा हो रहा है। गांव के लोगों को कहना है कि हर घर शुद्ध जल नहीं पहुंच सका लेकिन पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़क बरसात में ग्रामीणों के लिए मुसीबत साबित हो रही है। पानी भले ही गांव में ना पहुंचा हो लेकिन गांव की गलियों में कीचड़ का पूरा इंतजाम हो गया है। इससे ग्रामीणों में व्यापक पैमाने पर आक्रोश व्याप्त है। लेकिन अधूरी पड़ी परियोजना। का काम पूरा कराने के प्रति विभागीय अधिकारी संजीदा नहीं दिख रहे हैं। इससे हर घर शुद्ध जल पहुंचाने की योजना धरातल पर विफल नजर आ रही है। ओर जिले के जिला प्रशासन भी कोई खास ध्यान नही दे रहा है कई गावों के बात करें तो रोडे गड्डे में तब्दील हो गई है उसी रोड से कई बार ब्लॉक के अधिकारी भी गुजर चुके हैं लेकिन फिर भी कोई सुनने वाला नहीं है।
क्या बोले जल निगम के जिम्मेदार अधिकारी……
जल निगम के सहायक अभियंता संजय सिंह ने बताया है कि टंकी निर्माण के लिए जमीन लेट मिलने के लिए काम लेट से शुरू हुआ। काम क्यों बन्द है इसकी जानकारी की जायेगी।