स्वराज इंडिया न्यूज।
कानपुर देहात। बहुचर्चित बलवन्त हत्याकाण्ड में मृतक बलवन्त सिंह के चाचा बलबीर सिंह से जारी जिरह में आरोपी तत्कालीन मैथा चौकी प्रभारी ज्ञान प्रकाश पाण्डे की तरफ से जिरह पूर्ण की गई एवम आरोपी तत्कालीन एसओजी प्रभारी प्रशान्त गौतम आरोपीगण सोनू यादव व प्रशांत कुमार पाण्डे की तरफ से पिछली तिथि में जिरह पूर्ण की जा चुकी है।
यह जानकारी वादी पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता जितेन्द्र प्रताप सिंह चौहान ने दी।
जिरह में भी साक्षी बलबीर सिंह ने घटना में जेल में निरुद्ध तत्कालीन शिवली थाना प्रभारी राजेश सिंह तत्कालीन एसओजी प्रभारी प्रशांत गौतम तत्कालीन मैथा चौकी प्रभारी ज्ञान प्रकाश पाण्डे सहित आठो आरोपियों सहित तत्कालीन रनिया थाना प्रभारी शिव प्रकाश सिंह को बलवन्त सिंह की हत्या करने में शामिल बताया।
न्यायालय ने शेष जिरह हेतु 22 फरवरी की तिथि नियत करने के आदेश पारित किए है।जितेन्द्र चौहान ने बताया कि मामले में वादी अंगद सिंह के पूर्व में बयान दर्ज हो चुके हैं
और गवाह अंगद सिंह ने दिए गए बयानों व जिरह में भी प्रथम सूचना रिपोर्ट व विवेचक को दिये गए बयान का समर्थन किया है।अधिवक्ता जितेन्द्र चौहान ने बताया कि आरोपियों की अपराध में संलिप्तता प्रथम दृष्टया पाते हुए न्यायालय ने पूर्व में, सभी आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा-147,304/147,504/149,506/149,201/149 में आरोप विरचित करने के आदेश पारित कर पूर्व की तारीख को आरोप विरचित किये थे। बताया कि मामले की सुनवाई अपर जिला जज कक्ष संख्या पांच दुर्गेश की न्यायालय में चल रही है। जितेन्द्र चौहान ने बताया कि 16 फरवरी नियत तिथि पर सभी आरोपीगण तत्कालीन शिवली थाना प्रभारी राजेश सिंह तत्कालीन एसओजी प्रभारी प्रशान्त गौतम तत्कालीन मैथा चौकी प्रभारी ज्ञान प्रकाश पाण्डे सहित आठ पुलिस कर्मी जेल से न्यायालय में पेश किए गए। बताया कि आरोपी शोनू यादव के जमानत प्रार्थना पत्र को उच्च न्यायालय ने पूर्व में निरस्त कर दिया है,और मुकदमे की तीब्र गति से दिन प्रति दिन के आधार पर कर एक वर्ष के अंदर मुकदमें का निर्णय आदेश पारित करने का आदेश दिया है।इसी आधार पर मुकदमें की सुनवाई तेज गति से चल रही है।
शिवली क्षेत्र के ग्राम सरैंया लालपुर शिवराजपुर निवासी अंगद सिंह ने थाना रनिया के अन्दर अपने भतीजे बलवन्त सिंह की दिनाँक 12 दिसम्बर 2022 को आरोपियों द्वारा पुलिस अभिरक्षा में बेरहमी पूर्वक पिटाई कर हत्या करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट लिखाई थी।मृतक व्यापारी बलवन्त सिंह का कानपुर नगर में डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया था,जिसमे मृतक के शरीर मे 31 चोटें होना,चोटों से खून के अत्यधिक रिसाव से दोनों गुर्दे खून से खाली हो जाने व उसी से मृतक की मृत्यु होने पाया गया था,जिसमें विवेचना में एसआईटी ने आरोपी तत्कालीन रनिया थाना प्रभारी व एक आरक्षी व जिला अस्पताल के एक चिकित्सक की नामजदगी गलत पाने का लेख लिखते हुए उनके पक्ष में अंतिम आख्या व केस में इरादतन हत्या की धारा 302 भारतीय दण्ड संहिता के स्थान पर गैर इरादतन हत्या की धारा 304 भारतीय दण्ड संहिता में आरोप पत्र प्रेषित किया था। जितेन्द्र चौहान ने बताया कि आठ आरोपी जेल में निरुद्ध है वहीं आरोपी गण तत्कालीन रनिया थाना प्रभारी शिव प्रकाश सिंह एसओजी आरक्षी महेश गुप्ता व जिला अस्पताल के चिकित्सक पवन पार्या को केस में तलब करने व मामले में आरोपियों को लूट व धारा 302 आईपीसी सहित अन्य सुसंगत धाराओं में संज्ञान लेने हेतु वादी का प्रार्थना पत्र न्यायालय में दाखिल किया था जिसे पूर्व में प्रथम अपर जिला जज चन्द्रशेखर की न्यायालय ने निरस्त कर दिया था।बताया कि तत्कालीन रनिया थाना प्रभारी शिव प्रकाश सिंह को तलब करने के आदेश पर शिवप्रकाश सिंह ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद से स्टे ले रखा है । वादी अंगद सिंह की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता जितेन्द्र प्रताप सिंह चौहान के साथ अधिवक्ता योगेन्द्र प्रताप सिंह उमेश सिंह राजावत शिवबीर सिंह भदौरिया मौजूद रहे।
