जो आशंका थी, वही सामने आ रहा है। अब जनता दल यूनाईटेड को बड़ा झटका लगा है। 20 जनवरी को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए पूर्व मंत्री अली अशरफ फातमी ने सभी पदों और सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वह राजद में वापसी कर रहे हैं।
दरभंगा सीट पर उम्मीद लगाए बैठे जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय महासचिव अली अशरफ फातमी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सीट बंटवारे के बाद मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। उन्होंन जदयू के राष्ट्रीय महासचिव समेत तमाम पदों के साथ सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। वह राष्ट्रीय जनता दल से पहले भी जुड़े थे और उसी के साथ रहते हुए केंद्र में मंत्री भी रहे थे। जदयू में जब नीतीश कुमार दोबारा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने तो उन्हें भी राष्ट्रीय महासचिव का पद दिया। सीएम नीतीश कुमार की पार्टी की एनडीए में वापसी के समय से वह असहज थे और अब सीट बंटवारे में दरभंगा लोकसभा भाजपा के खाते में जाने के आधार पर उन्होंने इस्तीफा दे दिया है।
क्या लिखा है त्यागपत्र में
अली असरफ फातमी ने अपने लेटर पैड पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष को दिए गये इस्तीफे में लिखा है कि वह मैं नैतिक मूल्यों की रक्षा हेतु जनता दल यूनाइटेड के सभी पदों सहित प्राथमिक सदस्य से इस्तीफा दे रहा हूं।
राजद में टिकट नहीं मिलने पर जदयू में आये थे
अली असरफ फातमी दरभंगा से जनता दल और राजद से चार बार सांसद रह चुके हैं। इतना ही नहीं राष्ट्रीय जनता दल से जीतने के बाद उन्हें शिक्षा राज्य मंत्री भी बनाया गया था। पिछले लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के द्वारा उन्हें टिकट नही मिलने से नाराज होकर उन्होंने जनता दल यूनाइटेड की सदस्यता ले ली थी।