Friday, April 4, 2025
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भारत में बहुसंख्यकों की बात को हिन्दुओं की आवाज बताना बड़ी साजिश

इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश शेखर यादव द्वारा दिया गया संबोधन जज साहब के लिये गले की फांस बन गया है

मुख्य संवाददाता स्वराज इंडिया
लखनऊ।

विश्व हिन्दू परिषद के कार्यक्रम में इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश शेखर यादव द्वारा दिया गया संबोधन जज साहब के लिये गले की फांस बन गया है। दरअसल, 8 दिसंबर को प्रयागराज में विश्व हिंदू परिषद के एक कार्यक्रम में जस्टिस यादव ने समान नागरिक संहिता का समर्थन किया था। वायरल वीडियो में उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के कार्यान्वयन का समर्थन किया और कहा कि कानूनों को बहुसंख्यकों की प्राथमिकताओं के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा,‘ये कहने में बिल्कुल गुरेज नहीं है कि ये हिंदुस्तान है। हिंदुस्तान में रहने वाले बहुसंख्यकों के अनुसार ही देश चलेगा। यही कानून है। आप यह भी नहीं कह सकते कि हाई कोर्ट के जस्टिस होकर ऐसा बोल रहे हैं। कानून तो भइया बहुसंख्यक से ही चलता है। परिवार में भी देखिए,समाज में भी देखिए, जहां पर अधिक लोग होते हैं, जो कहते हैं उसी को माना जाता है। जज साहब के इस बयान पर सियासी हो-हल्ला हुआ यह तो समझ में आता है लेकिन बड़ी अदालत यदि ऐसे किसी बयान को हिन्दुओं से जोड़कर कोई कदम उठाये तो समझ से परे हैं। जज शेखर यादव ने गलत नहीं कहा था कि कानून बहुसंख्यकों की प्राथमिकताओं के अनुरूप होना चाहिए। यदि जज साहब गलत हैं तो फिर हमारा लोकतंत्र कैसे सही हो सकता है,यह लोकतंत्र ही है जिसके अनुसार जब देश प्रदेश से लेकर गांवों तक में चुनाव होता है तो बहुसंख्यकों के वोट हासिल करके ही सरकार बनती है, जिसमें सभी समाज और धर्म के मतदाता शामिल होते हैं।यहां तक की कोर्ट की बहु सदस्यीय बेंच जब किसी मामले पर फैसला सुनाती है तो भी यही होता है। इसको एक उदाहरण से भी समझा जा सकता है। नवंबर 2019 में अयोध्या में प्रभु श्री राम का मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय बेंच ने बहुमत से फैसला सुनाया था।इसी को बहुसंख्यक कहा जायेगा। बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जज शेखर यादव को तलब कर लिया है। यह कॉलेजियम जिस न्यायाधीश के खिलाफ किसी विवादास्पद मुद्दे पर हाई कोर्ट से रिपोर्ट मांगती है तो उन्हें मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के समक्ष अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। सुप्रीम कोर्ट के सूत्रों ने बताया कि जस्टिस शेखर कुमार यादव को न्यायिक नीति की सीमा पार करने के आरोपों के खिलाफ अपना पक्ष रखने का मौका मिल सकता है।

जज ने कुछ गलत नहीं कहा: सीएम योगी

विवादों में घिरे जज शेखर यादव का साथ मिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो टूक कह दिया है कि जज साहब ने कुछ गलत नहीं बोला। हॉ योगी साहब ने अपनी बात कहते हुए राजनैतिक फायदे नुकसान का भी ध्यान रखा। इसी के सहारे योगी ने एक बार फिर हिंदुत्व यानि बहुसंख्यक समाज के मुद्दे पर कांग्रेस समेत विपक्ष को आईना दिखाया। उन्होंने हिंदू एकता, न्यायमूर्ति शेखर यादव और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ विपक्ष के रवैये पर तीखा हमला किया।

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