शुक्रवार की सुबह इसराइल ने ईरान पर किए कई हमले, इसराइल के हमले को रोकने में सक्षम है ईरान का डिफेंस सिस्टम?
ईरान के पास ईरान में ही विकसित किया गया लंबी दूरी का मिसाइल डिफेंस सिस्टम है, जिसका नाम बावर -373 है
एके रज़वी। स्वराज इंडिया
नई दिल्ली।
इसराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच शुक्रवार को खबर आई है कि इसराइल ने ईरान पर एक बड़ा पलटवार किया है। इसमें ईरान को तगड़ा नुकसान हुआ है। फिलहाल अभी नुकसान होने पूरा फिगर नही आया है।
आप सभी को ये मालूम ही है इसराइल का डिफेंस सिस्टम कितना सक्षम है। मगर इसराइल अगर ईरान पर हमला कर दे तो क्या ईरान का डिफेंस सिस्टम इस लायक है की इसराइल के हमले को झेल सके।आइए समझते हैं इसराइल ने अगर सैन्य हमला किया और साइबर हमला किया तो ईरान इसे कैसे रोकेगा। पहले समझते हैं की ईरान के पास सैन्य हमले के विरुद्ध डिफेंस सिस्टम में क्या क्या है। ईरान के पास ईरान में ही विकसित किया गया लंबी दूरी का मिसाइल डिफेंस सिस्टम है।जिसका नाम बावर -373 है। यह टारगेट को ट्रैक करके एक साथ छह टारगेट्स पर हमला कर सकता है और उन्हें 300 किलो मीटर तक की दूरी पर मार सकता है। ये सिस्टम कुछ पहलुओं पर रूसी निर्मित एस 300 सिस्टम से बेहतर है और यहां तक की अधिक उन्नत एस 400 बैटरियों के बराबर है।साथ ही साथ ईरान रूस की टोर मिसाइल, एस 300 भी संचालित करता है।यही नहीं ईरान के पास अपना विकसित किया मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी है जो लंबी दूरी के टारगेट्स को भेद सकता है।उनके नाम इस प्रकार हैं:अरमान, टैक्टिकल सैय्यद और खोरदाद 15 जो 200 किलोमीटर तक की दूरी पर टारगेट से ईरानी आसमान से रक्षा कर सकता है। वहीं अरमान डिफेंस सिस्टम का दूसरा संस्करण 300 किलोमीटर से कम के युद्ध छेत्र में उपयोग के लिए बना गया है और ये बैलेस्टिक हथियारों से मुकाबला करने के लिए बनाया गया है।ईरान के पास कम दूरी पर हमले के लिए डिफेंस सिस्टम भी है। जिनमें अजरखश, माजिद और ज़ौबीन शामिल है।ये एक कॉम्पैक्ट सिस्टम है जिसे ड्रोन और क्वाडकोप्टर जैसे खतरों का मुकाबला करने के लिए बनाया गया है।ये कम ऊंचाई वाली गतिविधियों जैसे 25 से 50 किलोमीटर के टारगेट्स को भेदने के लिए डिज़ाइन किया गया है।अंतिम में इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गॉर्ड्स कॉर्प्स और ईरानी सेना के पास 2000 किलोमीटर तक की रेंज को कवर करने वाली कई प्रकार की बैलेस्टिक और क्रूज मिसाइलें हैं।साथ ही हमलावर ड्रोन की एक विस्तृत श्रंखला भी है।

अब समझते हैं इसराइल अगर साइबर अटैक करता है तो ईरान कितना तैयार है ?
पूर्व में ईरान पर इतने साइबर अटैक हुए हैं जिसमें ईरान को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।लेकिन उसने पलटवार करना और मजबूत साइबर सुरक्षा बनाना सीख लिया है।
नेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर पैसिव डिफेंस साइबर हमलों को रोकने के लिए जिम्मेदार मुख्य ईरानी राज्य इकाई है – अधिकारियों का कहना है कि वे हर दिन हजारों नहीं तो सैकड़ों लोगों से बचाव करते हैं।
पिछले कुछ वर्षों में इजरायली हितों पर कई साइबर हमलों के पीछे ईरानी हैकरों का हाथ होने का भी संदेह है। इज़राइली अखबार हारेत्ज़ ने मंगलवार को बताया कि अप्रैल की शुरुआत से ईरान से जुड़ी एक वेबसाइट स्थापित की गई है, जहां अंतरराष्ट्रीय हैकरों का एक समूह परमाणु सुविधाओं सहित इज़राइल में संवेदनशील डेटाबेस और वेबसाइटों के खिलाफ किए गए उल्लंघनों से डेटा प्रकाशित कर रहा है।