राज्यसभा की 15 सीटों के लिए तीन राज्यों में मंगलवार को हुए चुनाव में क्रॉस वोटिंग हुई. राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगाए.
मुख्य संवाददाता, स्वराज इंडिया
नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के ‘सियासी ड्रामे’ ने पूरे देश का ध्यान खींचा.यूपी में सत्तारूढ़ बीजेपी ने जहां विपक्षी दल समाजवादी पार्टी को झटका दिया. वहीं, हिमाचल प्रदेश में सत्ताधारी कांग्रेस के किले में सेंध लगा दी.
कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी ने हिमाचल प्रदेश में बीजेपी उम्मीदवार हर्ष महाजन को जीत की बधाई दी. वहीं बीजेपी नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा, “हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के मुख्यमंत्री के पास अपने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं रह गया है.”
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के विधायकों ने पाला बदला. ऐसे में यहां बीजेपी के आठवें उम्मीदवार को भी जीत मिल गई. बीजेपी के सात उम्मीदवारों की जीत पहले ही तय मानी जा रही थी. वहीं, समाजवादी पार्टी के तीन में से दो उम्मीदवार राज्यसभा के लिए चुने गए.
सबसे ज़्यादा चौंकाने वाला नतीजा हिमाचल प्रदेश में रहा जहां संख्याबल में मजबूत होने के बाद भी कांग्रेस के उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी चुनाव नहीं जीत सके.
भारतीय चुनाव आयोग ने जनवरी में अधिसूचना जारी करके 15 राज्यों में 56 सीटों के लिए चुनावों की घोषणा की थी.
हालांकि, इनमें से चुनाव सिर्फ तीन राज्यों हुए. बाकी 41 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए.
इन चुनाव के पहले 250 सीटों वाली राज्य सभा में एनडीए के पास 109 सांसद थे. वहीं, विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ के पास 89 सांसद थे.