
नागौर। राजस्थान नि:शुल्क दवा योजना : प्रदेश में वर्ष 2012-13 में मुख्यमंत्री पशुधन योजना प्रारंभ की गई: निशुल्क औषधि योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। पिछले करीब छह महीने से सचिवालय की गति लगभग बंद है, शेष के लिए ‘ओंट के मुंह में जीरा’ समान बजट दिया गया है, जिससे मेलों आदि के दौरान व्यवस्था की जा रही है।
राजस्थान में वर्ष 2012-13 में शुरू की गई मुख्यमंत्री पशुधन नि:शुल्क दवा योजना को करीब 12 वर्ष हो गए हैं, इस दरम्यान नागौर सहित पूरे प्रदेश में पशुओं की संख्या भले ही बढ़ी है, लेकिन सरकार ने बजट बढ़ाने की बजाए घटा दिया। पहले वर्ष योजना में औषधि खरीद के लिए का 3875.88 लाख का बजट आवंटित किया गया, जिसे अगले वर्ष बढ़ाकर 5862.43 लाख किया गया, लेकिन उसके बाद लगातार दो वर्ष बजट घटाया। वर्ष 2023-24 में तो मात्र 500 लाख का बजट ही दिया है।
मुख्यमंत्री पशुधन नि:शुल्क दवा योजना के तहत नागौर सहित प्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले से सप्लाई बंद है। पहले करीब 276 प्रकार की दवाइयां आती थीं, जिसके लिए नागौर को 25 से 30 करोड़ का बजट मिलता था, लेकिन इस बार एक लाख रुपए दिए हैं, इमरजेंसी खरीद के लिए। इसके अलावा 10 प्रतिशत रिजर्व दवा से काम चला रहे हैं।