
158 काश्तकारों ने खेल करके अपने नाम चढ़वाई थी केडीए की अधिगृहित जमीन
केडीए में तैनात जोन 2 के ओएसडी डॉ. रवि प्रताप की कार्रवाई से हड़कंप
मुख्य संवाददाता स्वराज इंडिया
कानपुर।
केडीए में तैनात जोन 2 के ओएसडी डॉ. रवि प्रताप की कार्रवाई से भू माफियाओं को हालात खस्ता है।
डा रवि प्रताप सिंह ने ग्राम बारासिरोही की तमाम आरजियों की गहरी छानबीन करवाई। एक-एक रिकॉर्ड की जांच-पड़ताल और सरकारी रिकॉर्ड से मिलान के बाद बड़ा खेल सामने आया। दिन-रात कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार उनकी सूझबूझ से प्राधिकरण को तकरीबन 80 करोड़ रुपए की ‘लुट चुकी’ जमीन वापस हाथ लगी है। इसका प्राधिकरण की अब तक की बड़ी कार्यवाही में शुमार किया जा रहा है।
इसके पहले पिछले दिनों ओएसडी ने नामान्तरण में बड़ा खेल पकड़ा था। उस प्रकरण में भी अन्य फाइलों की पड़ताल जारी है। आधिकारिक सूत्रों का दावा है कि पूर्व में तैनात रहे जोनल प्रभारी समेत तमाम मुलाजिमों के नाम खुल कर सामने आ सकते हैं। फिलहाल, 158 निजी काश्तकारों ने फर्जी तरीके से अरबन सीलिंग की बेशकीमती जमीनों को डकारने का प्रयास किया था। उनके मंसूबों पर पानी फिर गया है। खातों में दर्ज 158 निजी काश्तकारों के नाम हटा दिए गए हैं। उक्त भूमि जो कि केडीए के स्वामित्व/कब्जा प्राप्त भूमि है, में फर्जी/अवैध तरीके से दर्ज 158 निजी काश्तकार
के नाम को खारिज कर केडीए/अरबन सीलिंग का नाम खतौनी में दर्ज करने की प्रक्रिया प्रस्तावित कर दी गयी है एवं भूमि बैंक की विशेष टीम गठित कर अनुपालन आख्या एक पक्ष में मांग की गयी है एवं किसी शिथिलता के लिए संबंधित कार्मिक को विभागीय/अन्य कार्यवाही हेतु सचेत किया गया है।

डॉ० रवि प्रताप सिंह, विशेष कार्याधिकारी/उप जिलाधिकारी ने यह भी अवगत कराया कि प्राधिकरण स्वामित्व की अन्य आराजियों की भी नियमानुसार जांच करायी जा रही है, ताकि ऐसी फर्जी इण्ट्री को चिन्हांकित करते हुए केडीए के भूमि बैंक में बढ़ोतरी की जा सकें। यह जमीन जवाहरपुरम योजना के नजदीक है इसलिए आने वाले समय में जवाहरपुर में योजना का विस्तार भी किया जाएगा।