
Holika Dahan Shubh Yog: हिंदू धर्म मानने वालों के लिए होली का त्योहार दो दिवसीय होता है। इसकी शुरुआत होलिका दहन से होती है। पुराणों में होलिका दहन और पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।
माना जाता है कि होलिका दहन के दिन होली की पूजा करने से महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में होलिका दहन से मां लक्ष्मी के साथ सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। आइये जानते हैं 13 मार्च को होलिका दहन के दिन कौन से शुभ मुहूर्त बन रहे हैं।
13 मार्च को पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के साथ धृति योग का संयोग
अजमेर की ज्योतिषी नीतिका शर्मा के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाता है। पंचांग के अनुसार इस साल होलिका दहन का सही समय 13 मार्च को है, जबकि रंगों का त्योहार होली 14 मार्च को सेलिब्रेट होगा।
हालांकि शाम तक भद्रा काल रहने से होलिका दहन शाम की बजाय रात में होगा। पंचांग के अनुसार इस समय यानी होलिका दहन के समय पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के साथ धृति योग बन रहा है।
वहीं होली के दिन यानी 14 मार्च को उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के साथ-साथ शूल योग का भी निर्माण होगा। ऐसे में पूजा पाठ करने से जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होगी।शुभ योग में होलिका दहन का फल
ज्योतिषाचार्य नीतिका शर्मा के अनुसार होली के बाद से दीपावली तक तेजी का माहौल बना रहेगा। बिजनेस करने वालों के लिए अच्छी स्थितियां बनेंगी और फायदे वाला समय रहेगा। विदेशी निवेश में भी वृद्धि होने के योग हैं।
मंदी खत्म होगी। देश में बीमारियों का संक्रमण कम होने लगेगा उद्योग बढ़ेंगे। रियल एस्टेट से जुड़े लोगों को अच्छा समय शुरू होगा। महंगाई पर नियंत्रण बना रहेगा।
होलिका दहन का 47 मिनट का समय (Holika Dahan Time)
ज्योतिषी नीतिका शर्मा के अनुसार होलिका दहन 13 मार्च को और होली 14 मार्च को मनाई जाएगी। लेकिन होलिका दहन के समय पंचांग के अनुसार भद्रा दोष रहेगा, इसका भूलोक में वास अच्छा नहीं माना जाता। इसलिए शाम की बजाय रात में होलिका दहन हो सकेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार होलिका दहन के लिए 47 मिनट का ही समय रहेगा।13 मार्च को होलिका दहन पर भद्रा का साया (Bhadra On Holi)
भद्रा का समयः गुरुवार, 13 मार्च को सुबह 10:36 बजे से मध्य रात्रि 11:27 तक
होलिका दहन का समयः मध्य रात्रि 11:28 से मध्य रात्रि 12:15 के बीच