मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू हिमाचल में मचे सियासी तूफान को शांत करने की कोशिश में लगे हैं. इसी कड़ी में उन्होंने कांग्रेस विधायकों की ‘ब्रेकफास्ट मीटिंग’ बुलाई है.
मुख्य संवाददाता, स्वराज इंडिया
नई दिल्ली | हिमाचल में सियासी तूफान धीरे-धीरे शांत होता दिख रहा है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की तरफ से गुरुवार को शिमला में सभी कांग्रेस विधायकों की ‘ब्रेकफास्ट मीटिंग’ बुलाई गई है. सीएम के सरकारी आवास पर हो रही इस बैठक में डिप्टीसीएम मुकेश अग्निहोत्री भी पहुंचे हैं. वहीं 32 विधायक भी इस बैठक में पहुंचे. कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह इस बैठक में नहीं पहुंचे, फिलहाल वो अपने आवास पर ही है. उनके समर्थक विधायक भी अभी बैठक में नहीं पहुंचे हैं. विक्रमादित्य सिंह के अलावा विधायक मोहन लाल ब्राक्टा, विधायक नंद लाल, धनी राम शांडिल, सुदर्शन बबलू अभी बैठक में नहीं पहुंचे हैं.मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की ओर से बुलाई गई बैठक को लेकर विधायक आशीष बुटेल का कहना है कि यह एक महत्वपूर्ण बैठक है देखते हैं, क्या होता है. सीएम सुक्खू की तरफ से सभी विधायकों को बैठक में बुलाया गया है, लेकिन विक्रमादित्य सिंह बैठक में जाने की बजाय अपने आवास पर ही ठहरे हुए हैं. एकजुटता दिखाने के लिए उनके समर्थक फूल लेकर उनके आवास पर पहुंच रहे हैं. उनके समर्थकों का कहना है कि विक्रमादित्य सिंह के साथ नाइंसाफी हुई है. वे भविष्य में उन्हें सीएम देखना चाहते हैं
विक्रमादित्य सिंह ने मंत्री पद से इस्तीफे का किया था एलान
बता दें कि बुधवार को हिमाचल में मचे सियासी घमासान के बीच विक्रमादित्य सिंह ने मंत्री पद से इस्तीफा देने की बात कहीं थी. उन्होंने कहा कि पार्टी ने वीरभद्र सिंह की विरासत का सम्मान नहीं किया है. वहीं दिल्ली से केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ बैठक बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उनके प्रस्ताव को ‘अस्वीकार’ कर दिया. इसके बाद मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वह इस पर जोर नहीं देंगे.