
राजधानी में दस हजार से अधिक बस मार्शलों की फिर से बहाली को लेकर शनिवार को दिनभर हाईवोल्टेज ड्रामा चला। एक तरफ उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मार्शलों के एक समूह से मुलाकात कर राहत देने का आश्वासन दिया। वहीं, दिल्ली सरकार ने दूसरे समूह से मुलाकात कर कैबिनेट की बैठक में बहाली का प्रस्ताव पास किया। साथ ही, खुद मुख्यमंत्री आतिशी कैबिनेट नोट लेकर भाजपा विधायकों को लेकर उपराज्यपाल कार्यालय पहुंचीं।
इससे पहले दिल्ली सचिवालय में भाजपा विधायकों को एलजी हाउस तक लाने के लिए मंत्री सौरभ भारद्वाज आप विधायकों के साथ नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता के पैरों में भी गिर गए। वहीं, सुरक्षा प्रोटोकॉल को तोड़कर मुख्यमंत्री आतिशी नेता प्रतिपक्ष की कार में बैठ गईं। इसके बाद भी जब मामला सुलझता नहीं दिखा तो एलजी हाउस से लौटते समय मंत्री सहित आप के विधायक बस मार्शलों के साथ धरने पर बैठ गए। मुख्यमंत्री आतिशी ने बताया कि भाजपा का विधायक दल सुबह 10ः30 बजे दिल्ली सचिवालय पहुंचा। उन्हें बताया गया कि सेवा विभाग का मामला उपराज्यपाल के अधीन है, लेकिन भाजपा विधायक बरगलाने की कोशिश कर रहे थे। भाजपा के विधायक दल की पोल खुल गई, क्योंकि आप सरकार और कैबिनेट ने स्पष्ट कर दिया कि जो निर्णय हमें लेने हैं, वे हम लेंगे, लेकिन जिस पर एलजी का निर्णय चाहिए वह भाजपा करवाए। भाजपा एलजी से कुछ भी करवाने को तैयार नहीं है और बस मार्शल के मुद्दे पर राजनीति की जा रही है।