सूरत से अयोध्या के बीच शुरू हुई आस्था एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन पर महाराष्ट्र के नंदुरबार के पास असामाजिक तत्वों द्वारा पथराव किया गया। रविवार को इस ट्रेन पर रात करीब 11 बजे जैसे ही ट्रेन नंदुरबार पहुंची भारी पथराव किया गया।
अयोध्या में भव्य राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला विराजमान हो गए हैं। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद हर राम भक्त की पहली इच्छा अयोध्या जाने की है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से व्यवस्था की गई है। जिसमें गुजरात के विभिन्न जिलों से आस्था ट्रेन चलाई जा रही है। रविवार शाम केन्द्रीय रेल राज्यमंत्री दर्शना जरदोश ने सूरत से अयोध्या जाने के लिए आस्था स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी।
मगर गुजरात के सूरत से अयोध्या जा रही आस्था एक्सप्रेस ट्रेन अराजकतत्वों के निशाने पर है। रात आठ बजे ट्रेन को सूरत से अयोध्या के लिए रवाना किया गया। इस ट्रेन पर रात करीब 11 बजे जैसे ही ट्रेन नंदुरबार पहुंची तब भारी पथराव किया गया। ट्रेन पर 1340 यात्री सवार थे। ट्रेन पर एकाएक पत्थर फेंके गए। पथराव में कई पत्थर खिड़की से बोगी के अंदर आने की जानकारी है। इससे बोगी के अंदर बैठे यात्री थोड़े समय के लिए दहशत में आ गए। लोगों ने दरवाजा और खिड़कियां बंद कर लीं। हालांकि किसी को गंभीर चोट नहीं आई है।
गोधराकांड की घटना के दो दशक बाद राम भक्तों पर इस तरह के हमले का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है।
सूरत बजरंग दल के संयोजक अजय शर्मा के बनाया कि हम सभी ट्रेन में बैठे थे, इसी दौरान ट्रेन पर पत्थर फेंके जाने की आवाजें सुनाई देने लगी। अंधेरा होने के कारण बाहर से कौन पथराव कर रहा है इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। घटना के समय सिग्नल नहीं होने के कारण ट्रेन धीमी गति से जा रही थी। पथराव के कारण एच-7, एच-10 और एच-11 कोच पर पत्थर लगने की जानकारी मिली है।
आला अधिकारियों का काफिला मौके पर दौड़ पड़ा
यात्रियों की शिकायत के आधार पर रेलवे पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इस घटना के कारण ट्रेन नंदुरबार स्टेशन पर करीब 45 मिनट तक रुकी रही। जीआरपी पुलिस के अनुसार अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस द्वारा निरीक्षण किया गया, हालांकि पथराव का कोई निशान नहीं मिला। जिसके बाद पुलिस ने शुरुआती जांच की और ट्रेन को देर रात नंदुरबार रेलवे स्टेशन से रवाना किया। फिलहाल इस मामले में पुलिस द्वारा आगे की जांच की जा रही है।