स्वराज इंडिया न्यूज ब्यूरो | कानपुर में शाम होते ही मौसम ने करवट ले ली। धूल भरी आंधी के बाद बारिश होने लगी। गरज-चमक के साथ बारिश ने लोगों को जहां-तहां रुकने पर मजबूर कर दिया। करीब आधे घंटे से तेज हवाओं के साथ कानपुर में बारिश हो रही है। बारिश के चलते मौसम में ठंडक आ गई है।
इन 26 जिलों में बारिश के आसार
जिन में बारिश का अलर्ट है। उनमें आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, कानपुर देहात, कानपुर नगर, हमीरपुर, झांसी, ललितपुर, महोबा, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर, भदोही, वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र में शामिल है।
11 अप्रैल को 43 जिलों में बारिश
सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, बागपत, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, फर्रुखाबाद, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली, हमीरपुर, झांसी, ललितपुर, महोबा, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, मिर्जापुर, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र।
‘किसान फसल में 12-13 परसेंट नमी बनाए रखें’
कानपुर की CSA यूनिवर्सिटी के कृषि मौसम विज्ञानियों ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसके बताया गया है कि किसान गर्मी में अपनी फसल में हर हाल में 12-13 परसेंट तक नमी बनाए रखें। अगर उनके क्षेत्र का तापमान सामान्य स्तर से अधिक हो, तो खेतों में हल्की सिंचाई भी करते रहें।
मार्च 2024 अब तक का सबसे गर्म महीना
CSA यूनिवर्सिटी के मौसम विज्ञानी डॉ. SN सुनील पांडेय ने बताया कि इस बार मार्च महीना सबसे गर्म रहा। इसकी वजह से यह पिछले साल जून के बाद से लगातार 10वां महीना है, जब तापमान ने नया रिकॉर्ड बनाया है। ये औसतन 1.5 डिग्री को पार कर गया है।
12 महीनों (अप्रैल 2023-मार्च 2024) में औसत तापमान सबसे अधिक दर्ज किया गया है, जो साल 1991-2020 के औसत से 0.73 डिग्री सेल्सियस अधिक और 1850-1900 पहले औसत तापमान से 1.58 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है।