
यूपी में आजमगढ़ के सपा विधायक रमाकांत यादव के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जा रही है। जहरीली शराब मामले में यूपी पुलिस कार्रवाई कर रही है। रमाकांत यादव का भांजा रंगेश यादव गैंग लीडर है। पुलिस ने रमाकांत यादव को भांजे की गैंग के साथ जोड़ते हुए 2022 के जहरीली शराब कांड की विवेचना में रंगेश यादव गैंग के साथ जोड़ दिया है। रमाकांत यादव के साथ ही चार लोगों को गैंग के साथ जोड़ा गया है। सभी के खिलाफ अहरौला थाना क्षेत्र में अपमिश्रित देशी शराब बनाकर लाइसेंसी देशी शराब की दुकान पर बेचने सहित अन्य अपराधों के मामले में कार्रवाई होगी। इससे पहले पुलिस ने रंगेश यादव सहित 12 अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की थी।
सपा विधायक रमाकांत यादव पर पुलिस ने दूसरी बार गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की है। अब 10 दिसंबर को उक्त घटना में संलिप्त चार अन्य आरोपियों को पूर्व में गैंगस्टर एक्ट में समाहित किया गया है। इसमें सपा विधायक रमाकांत यादव, अहरौला थाना क्षेत्र के रुपाईपुर गांव निवासी नसीम नेता उर्फ नसीम, वाराणसी के विश्वेश्वरगंज चौकी क्षेत्र के काशीपुरा और वर्तमान पता सारनाथ थाना क्षेत्र के खालिसपुर चौकी सरायमोहन निवासी रवि कुमार क्षत्री उर्फ राजकुमार, जोयंता कुमार मित्रा निवासी मोहल्ला 71/5 डाक्टर नील मोनी सरकार स्ट्रीट थाना बारानगर जनपद उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल शामिल है।
बता दें कि 2022 में जहरीली शराब से कई की मौत हुई थी। मामले में अहिरौला और फूलपुर थानों में केस दर्ज हुए। पुलिस ने मामले की जांच की तो इसमें रंगेश यादव की गैंग और कई अन्य के नाम सामने आए। इनमें रमाकांत यादव का भी नाम है। रंगेश यादव की गैंग के 12 सदस्यों समेत अब रमाकांत और अन्य चार के खिलाफ कार्रवाई जारी है।